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भागलपुर मुठभेड़: कार्यपालक पदाधिकारी हत्याकांड का आरोपी रामधनी यादव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया

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भागलपुर मुठभेड़: कार्यपालक पदाधिकारी हत्याकांड का आरोपी रामधनी यादव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया

सारांश

बिहार के भागलपुर में सरकारी दफ्तर के भीतर हुई नृशंस हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ में मार गिराया। सीसीटीवी से पहचान, तीन टीमों की घेराबंदी और आत्मसमर्पण के बाद भी हथियार बरामदगी के दौरान हुई फायरिंग ने मामले को और गंभीर बना दिया।

मुख्य बातें

रामधनी यादव को 29 अप्रैल, बुधवार तड़के भागलपुर पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया।
मंगलवार शाम नकाबपोश हमलावरों ने सुल्तानगंज नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या की थी।
सभापति राजकुमार गुड्डू को भी गोली लगी, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मुठभेड़ में एक डीएसपी और दो पुलिस इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हुए।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान कर तीन विशेष टीमें गठित की गई थीं।
रामधनी यादव पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे।

बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की गोली मारकर हत्या करने के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को बुधवार, 29 अप्रैल की तड़के पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस एनकाउंटर में एक डीएसपी और दो पुलिस इंस्पेक्टर सहित कुल तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम: मंगलवार शाम का नृशंस हमला

मंगलवार की शाम नकाबपोश अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय परिसर में सभापति के चैंबर में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू को भी गोली लगी और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हमला एक सरकारी कार्यालय परिसर के भीतर दिनदहाड़े अंजाम दिया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी।

पुलिस कार्रवाई: सीसीटीवी से पहचान, तीन टीमें गठित

घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव ने तत्काल जाँच शुरू करवाई। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मुख्य आरोपी रामधनी यादव की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित कर जिले के कई इलाकों में घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी के कारण आरोपी भाग नहीं पाए और अंततः थाने में आत्मसमर्पण करने पहुँचे।

मुठभेड़ कैसे हुई

पुलिस हिरासत में लेने के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई और फिर हथियार बरामदगी के लिए टीम रवाना हुई। उसी दौरान छिपे हुए अपराधियों के साथियों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला कर दिया। हिरासत में लिए गए रामधनी यादव ने भी पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस टीम की जवाबी कार्रवाई में रामधनी यादव को गोली लगी और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घायल पुलिसकर्मी और आरोपी का आपराधिक इतिहास

मुठभेड़ में घायल तीन पुलिसकर्मियों — एक डीएसपी और दो पुलिस इंस्पेक्टर — को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रामधनी यादव पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे। गौरतलब है कि यह घटना बिहार में सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जाँच जारी है। सभापति राजकुमार गुड्डू की हालत पर नज़र रखी जा रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी बताई जा रही है। इस हत्याकांड के पीछे के मकसद और साजिश का पर्दाफाश करने के लिए जाँच टीमें सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सभापति के चैंबर में, दिनदहाड़े नकाबपोश हत्यारों का घुसना यह दर्शाता है कि बिहार के कुछ इलाकों में अपराधियों का दुस्साहस किस स्तर तक पहुँच चुका है। पुलिस ने 24 घंटे से भी कम समय में आरोपी को मार गिराकर त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया, लेकिन हथियार बरामदगी के दौरान तीन पुलिसकर्मियों का घायल होना यह भी बताता है कि अपराधी नेटवर्क कितना संगठित था। असली सवाल यह है कि सरकारी परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमज़ोर क्यों थी कि नकाबपोश हमलावर बिना रोकटोक के अंदर तक पहुँच गए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामधनी यादव कौन था और उस पर क्या आरोप था?
रामधनी यादव सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या का मुख्य आरोपी था। पुलिस के अनुसार उस पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
सुल्तानगंज नगर परिषद में हत्या कैसे हुई?
मंगलवार की शाम नकाबपोश अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति के चैंबर में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार को गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में सभापति राजकुमार गुड्डू भी गोली लगने से घायल हुए और उनकी हालत गंभीर है।
पुलिस मुठभेड़ में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?
मुठभेड़ में कुल तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक डीएसपी और दो पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान इतनी जल्दी कैसे की?
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से रामधनी यादव की पहचान की गई। इसके बाद तीन अलग-अलग टीमें गठित कर जिले में घेराबंदी की गई, जिससे आरोपी भाग नहीं पाया और थाने में आत्मसमर्पण करने आ गया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस पूरे हत्याकांड की विस्तृत जाँच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। सभापति राजकुमार गुड्डू की हालत पर नज़र रखी जा रही है और हमले के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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