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आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी की गोली मारकर हत्या, एसपी बोले — जमीन विवाद मुख्य कारण

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आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी की गोली मारकर हत्या, एसपी बोले — जमीन विवाद मुख्य कारण

सारांश

बिहार के आरा में तीन हथियारबंद अपराधियों ने सुबह की सैर के दौरान पूर्व कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह को आठ गोलियाँ मारकर हत्या कर दी। भोजपुर एसपी ने जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया है और प्रभावशाली नामों समेत सभी संदिग्धों से पूछताछ का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

राम कुमार सिंह , पूर्व कस्टम असिस्टेंट कमिश्नर, की 15 अक्टूबर 2026 को आरा में तड़के गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मृतक को आठ गोलियाँ मारी गईं — छह पेट-सीने में, एक बाईं ओर सीने में और एक बाईं ओर गर्दन में।
वारदात जैन कॉलेज गेट के पास नवादा थाना क्षेत्र में सुबह की सैर के दौरान हुई; तीन हथियारबंद अपराधियों ने हमला किया।
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया; परिवार ने भू-माफियाओं पर आरोप लगाया।
पुलिस ने कहा — कथित तौर पर जुड़े प्रभावशाली नामों और पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ होगी, जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

बिहार के आरा में 15 अक्टूबर 2026 की तड़के सुबह तीन हथियारबंद अपराधियों ने कस्टम विभाग के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात नवादा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जैन कॉलेज गेट के निकट हुई, जब वे प्रतिदिन की भाँति सुबह की सैर के लिए निकले थे। परिवार ने इस हत्या के लिए स्थानीय भू-माफियाओं को जिम्मेदार ठहराया है।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के पुत्र राजेश कुमार के अनुसार, वे अपने पिता के साथ प्रतिदिन रमना मैदान की ओर सुबह टहलने जाते थे। उस दिन जैसे ही राम कुमार सिंह कार का दरवाज़ा बंद कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। राजेश उस समय कार के भीतर बैठे थे, जिसके कारण उनकी जान बच गई।

राजेश कुमार ने बताया, 'हर रोज की तरह सुबह पापा कार से बाहर निकले और मैं गाड़ी में बैठ गया। जैसे ही पापा गाड़ी का गेट बंद कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।'

मृतक को आठ गोलियाँ, अस्पताल में मौत

बताया जा रहा है कि राम कुमार सिंह को अत्यंत करीब से आठ गोलियाँ मारी गईं — छह गोलियाँ पेट और सीने के पास, एक गोली बाईं ओर सीने में और एक गोली बाईं ओर गर्दन में लगी। गंभीर हालत में स्थानीय नागरिकों और पुलिस की सहायता से उन्हें आरा सदर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एसपी का बयान: जमीन विवाद मुख्य कारण

भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने घटनास्थल का मुआयना करने और परिवार से बातचीत के बाद कहा, 'आज सुबह राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब तक जो मुख्य कारण सामने आया है, वह जमीन का एक विवाद है। इसे लेकर काफी समय से झगड़ा चल रहा था और परिवार ने अलग-अलग अधिकारियों के पास आवेदन भी दिए थे।'

एसपी दीक्षित ने आगे कहा, 'जमीन से जुड़ा एक और विवाद भी है, जिसमें वे और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। हम सभी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं और जल्द से जल्द गिरफ्तारियाँ करेंगे। जिन पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।'

परिवार का आरोप: भू-माफियाओं की साजिश

परिवार के सदस्यों ने स्थानीय भू-माफियाओं पर इस हत्या का आरोप लगाया है। राजेश कुमार के अनुसार, सिंगही मोड़ के समीप एक जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था। उन्होंने बताया कि आरा के कुछ जमीन माफियाओं ने उक्त भूमि पर कब्जा जमाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उनके पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी उन पर कई बार जानलेवा हमले हो चुके थे, जो इस हत्या की पूर्व-योजना की ओर संकेत करते हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सभी संदिग्धों — जिनमें कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली नाम भी शामिल हैं — से पूछताछ की जाएगी। जाँच के दायरे में वे पुलिस अधिकारी भी आएंगे जिनके नाम इस मामले में सामने आए हैं। आरा और भोजपुर जिले में इस हत्याकांड के बाद व्यापक चर्चा है और त्वरित न्याय की माँग उठ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट संकेत है। एसपी का बयान कि 'प्रभावशाली नामों' से भी पूछताछ होगी, यह स्वीकृति है कि इस मामले में शक्तिशाली हित जुड़े हो सकते हैं — इसे मुख्यधारा की कवरेज में उचित महत्व मिलना चाहिए। बिना त्वरित गिरफ्तारी और पारदर्शी जाँच के, यह मामला उन दर्जनों भू-विवाद हत्याओं में खो जाने का खतरा है जो बिहार में न्यायिक परिणाम तक नहीं पहुँचते।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की हत्या कैसे हुई?
15 अक्टूबर 2026 की तड़के सुबह आरा के जैन कॉलेज गेट के पास तीन हथियारबंद अपराधियों ने राम कुमार सिंह को सुबह की सैर के दौरान आठ गोलियाँ मारकर हत्या कर दी। आरा सदर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हत्याकांड का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के अनुसार, अब तक की जाँच में जमीन का विवाद मुख्य कारण सामने आया है। परिवार ने भी स्थानीय भू-माफियाओं पर आरोप लगाया है और बताया कि पहले भी कई जानलेवा हमले हो चुके थे।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी की है?
अब तक गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एसपी दीक्षित ने कहा है कि जल्द गिरफ्तारियाँ की जाएंगी और जिन प्रभावशाली नामों व पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी।
मृतक के परिवार ने क्या कहा?
मृतक के पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि सिंगही मोड़ के समीप जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और उनके पिता ने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके थे।
घटना के समय मृतक के साथ कौन था और वे कैसे बचे?
घटना के समय राजेश कुमार कार में बैठे थे। जब अपराधियों ने फायरिंग शुरू की, उस वक्त वे वाहन के भीतर होने के कारण बाल-बाल बच गए। उन्होंने पूरी घटना का प्रत्यक्षदर्शी विवरण दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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