तेजस्वी यादव ने भोजपुर हत्याकांड पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल पर जताई संवेदना, न्याय का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉल के माध्यम से भोजपुर जिले में गोली मारकर हत्या किए गए सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह के परिवार से संपर्क किया और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई में अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। 15 अक्टूबर 2026 को आरा के कनकपुरी इलाके में हुई इस हत्या के बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
तेजस्वी यादव ने वीडियो कॉल के दौरान रामकुमार सिंह के बेटे राकेश सिंह से सीधे बात की, परिवार के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घटना का विस्तृत ब्यौरा लिया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून की गिरफ्त में लाकर सजा दिलाई जाएगी।
यह संवाद जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश और RJD के प्रदेश महासचिव मनोज सिंह की मध्यस्थता से संभव हो सका।
हत्याकांड का विवरण
रामकुमार सिंह बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया ब्लॉक के मूल निवासी थे और अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय आरा में रह रहे थे। 15 अक्टूबर 2026 की सुबह उन्हें नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वे क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रह चुके थे और अपने समुदाय में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर संदेह है कि हत्या के पीछे जमीनी विवाद हो सकता है, हालाँकि पुलिस अभी तक आधिकारिक तौर पर हत्या के मकसद की पुष्टि नहीं कर पाई है।
एफआईआर और गिरफ्तारियाँ
रामकुमार सिंह के बेटे अमित कुमार सिंह उर्फ गोल्डी की शिकायत पर हत्या की संबंधित धाराओं के अंतर्गत 14 नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने शुरुआत में एक नामजद संदिग्ध को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इसके बाद मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहे चंदन सिंह और उसके साथी अभिषेक यादव को पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अभी शेष आरोपियों की भूमिका और व्यापक साजिश की जाँच में जुटी हुई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह हत्याकांड बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विपक्षी नेताओं ने इस घटना और जाँच की प्रगति पर सत्तारूढ़ सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। तेजस्वी यादव का पीड़ित परिवार से सीधे संवाद करना इसी सिलसिले का हिस्सा माना जा रहा है, जो चुनावी दृष्टि से संवेदनशील बिहार में राजनीतिक महत्व रखता है।
गौरतलब है कि भोजपुर जिला ऐतिहासिक रूप से सामाजिक एवं भूमि विवादों के कारण संवेदनशील रहा है, और इस क्षेत्र में सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी की हत्या ने प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है।
आगे की राह
पुलिस हत्या के सटीक मकसद, शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और संभावित साजिश के तारों को उजागर करने में लगी है। जाँच के आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और नए तथ्य सामने आने की संभावना है। परिवार को तेजस्वी यादव का समर्थन मिलने के बाद यह देखना होगा कि न्याय की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है।