विमल कुमार हत्याकांड: तेजस्वी यादव बोले — बिहार में अपराधी बेखौफ, सम्राट सरकार नाकाम
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के रोहतास जिले में डेहरी नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर विमल कुमार की हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने 2 अगस्त को दीघा श्मशान घाट पहुँचकर शोकाकुल परिवार से भेंट की और दिवंगत अधिकारी की पत्नी से फोन पर बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस घटना ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
तेजस्वी यादव ने इस हत्याकांड को अत्यंत गंभीर बताया और कहा कि एक के बाद एक दो सरकारी अधिकारियों की हत्या हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपराधी इस तरह की हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, जबकि बिहार पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है।' उन्होंने परिवारों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की माँग की।
सरकार पर सवाल
दीघा श्मशान घाट पर परिवार से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'वे आपकी सरकार के अधिकारी थे और उनकी मौत के बाद आप उनके परिवार से मिल भी नहीं रहे। इसके बजाय, आप पूरे परिवार को सड़क पर खड़ा कर रहे हैं। अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो कल सरकार के साथ कौन खड़ा होगा?'
विपक्ष की माँगें
विपक्ष के नेता ने इस मामले में चार प्रमुख माँगें रखीं — निष्पक्ष जाँच, दोषियों को कड़ी सज़ा, पीड़ित परिवार को सुरक्षा, और न्यायिक निगरानी में सीबीआई जाँच। उन्होंने कहा, 'जो लोग दोषी हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बने 100 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हुई है। उनके अनुसार, 'राज्य का खजाना खाली है और बिहार में हालात बिगड़ गए हैं। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।'
आम जनता पर असर
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि जब एक सरकारी अधिकारी की इस तरह हत्या हो सकती है, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित होगा। उनका आरोप है कि सरकार केवल बयानबाज़ी तक सीमित है और ज़मीनी स्तर पर अपराधियों पर कोई प्रभावी लगाम नहीं लगाई जा रही। यह घटना बिहार में अधिकारियों की सुरक्षा और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।