4 अगस्त 2026
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डेहरी ईओ हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग

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डेहरी ईओ हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सुरक्षा की मांग

सारांश

डेहरी के ईओ विमल कुमार की हत्या पर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को घेरा — आरोप है कि पोस्टमार्टम से पहले ही ड्राइवर को दोषी बताया गया, एक विधायक की संलिप्तता की जांच नहीं हो रही, और पीड़ित परिवार असुरक्षित है। राजद ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने 4 अगस्त को पटना प्रेस वार्ता में बिहार सरकार पर डेहरी ईओ हत्याकांड के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया।
मृतक विमल कुमार डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी थे; परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।
परिवार ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के एक विधायक की संलिप्तता का आरोप लगाया है, जिस पर पुलिस जांच नहीं कर रही।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से पहले ही ड्राइवर को हत्यारा बताए जाने पर तेजस्वी ने सवाल उठाए।
राजद ने मांग की — निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और पत्नी को सरकारी नौकरी ; न्याय न मिला तो सड़क पर उतरने की चेतावनी।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 4 अगस्त को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है और जांच की दिशा को जानबूझकर भटकाया जा रहा है।

मुख्य आरोप और मांगें

तेजस्वी यादव ने कहा कि विमल कुमार की हत्या केवल एक अधिकारी की मौत नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हमला है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में यह किसी सरकारी अधिकारी की दूसरी हत्या है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करती है। राजद नेता ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा तथा सम्मानजनक सरकारी नौकरी देने की मांग की।

परिवार के आरोप और जांच पर सवाल

तेजस्वी यादव ने बताया कि वे मृतक अधिकारी के परिजनों से मिले, जिनमें दो छोटे बच्चे और उनकी पत्नी शामिल हैं। परिवार ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के एक विधायक की इस घटना में संलिप्तता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन पुलिस उस दिशा में जांच नहीं कर रही।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस अधिकारियों द्वारा ड्राइवर को हत्यारा घोषित कर दिया गया, जो जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। परिवार का आरोप है कि यह घटना एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई और इसमें एक से अधिक लोग शामिल थे।

पुलिस के तर्क पर आपत्ति

तेजस्वी यादव ने पुलिस के उस तर्क को खारिज किया जिसमें कहा गया कि छुट्टी न मिलने और काम के दबाव के कारण हत्या हुई। उन्होंने दावा किया कि ड्राइवर के बयान कई बार बदले गए हैं और ड्राइवर की पत्नी भी पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगा रही है। राजद नेता के अनुसार, इन तथ्यों से स्पष्ट है कि जांच किसी विशेष दिशा में मोड़ी जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर सरकार की आलोचना

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में ईमानदार अधिकारियों के बीच भय का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा, "जब सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती।" उन्होंने मुख्यमंत्री को इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासनिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा।

आगे क्या होगा

तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो राजद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर भी उतरेगा। उन्होंने सरकार से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और कानून के शासन को मजबूत करने की अपील की। इस हत्याकांड की जांच की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके कुछ सवाल ठोस हैं — फॉरेंसिक रिपोर्ट से पहले किसी को दोषी बताना जांच की प्रक्रिया के विरुद्ध है। असली परीक्षा यह है कि बिहार पुलिस 'एकल हत्यारे' की थ्योरी को साक्ष्य से साबित करती है या दबाव में मामला बंद करती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में दूसरे सरकारी अधिकारी की हत्या यह संकेत देती है कि प्रशासनिक सुरक्षा के मोर्चे पर गंभीर खामियाँ हैं, जिन पर विपक्ष से परे सरकार को भी जवाब देना होगा।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डेहरी ईओ हत्याकांड क्या है?
डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या कर दी गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में उनके ड्राइवर को मुख्य संदिग्ध बताया है, लेकिन परिवार और विपक्ष ने इस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस मुख्य आरोपियों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही ड्राइवर को हत्यारा घोषित करना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
पीड़ित परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार ने कथित तौर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के एक विधायक की इस घटना में भूमिका का आरोप लगाया है। परिवार का यह भी कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी और इसमें एक से अधिक लोग शामिल थे।
राजद ने पीड़ित परिवार के लिए क्या मांगें रखी हैं?
राजद ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा दी जाए, मृतक की पत्नी को सम्मानजनक सरकारी नौकरी मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि न्याय न मिलने पर राजद सड़क पर उतरेगा।
बिहार में यह कानून-व्यवस्था के लिहाज से कितना बड़ा मामला है?
तेजस्वी यादव के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में यह किसी सरकारी अधिकारी की दूसरी हत्या है। विपक्ष का कहना है कि इससे राज्य में ईमानदार अधिकारियों के बीच भय का माहौल बन रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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