तेजस्वी यादव का हमला: सम्राट चौधरी सरकार में बिहार की कानून-व्यवस्था ध्वस्त, दिनारा हत्याकांड पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 8 अगस्त को रोहतास जिले के दिनारा में एक गरीब किसान मजदूर की हत्या के मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आरोपियों को सत्ता के संरक्षण में बचाने की कोशिश की जा रही है।
दिनारा हत्याकांड: क्या है मामला
रोहतास के दिनारा क्षेत्र में एक गरीब और पिछड़े परिवार से आने वाले किसान मजदूर की कथित तौर पर निर्मम हत्या कर दी गई। तेजस्वी यादव के अनुसार, मृतक अपनी मजदूरी माँगने गया था, जिसके बाद उसे मौत के घाट उतार दिया गया। यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध के उस सिलसिले की कड़ी बताई जा रही है जिसे विपक्ष लगातार उठाता रहा है।
तेजस्वी का आरोप: आरोपियों को मिल रहा संरक्षण
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मामले से जुड़े आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे मृतक के परिजनों से मिलने और उन्हें पार्टी की ओर से आर्थिक सहयोग देने के लिए दिनारा जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह हमारा फर्ज है कि हम लोगों के दुख में उनके साथ रहें।' इससे पहले उनकी मृतक के परिवार से फोन पर बातचीत भी हो चुकी थी।
सरकार पर बड़े आरोप: अपराध, भ्रष्टाचार और खाली खजाना
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जब से सीएम सम्राट चौधरी की सरकार सत्ता में आई है, तब से राज्य में अपराध में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ अपराधी गरीबों की जान ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन छात्रों पर गोली चला रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का खजाना खाली है और ठेकेदारों, कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को भुगतान के लिए धन नहीं है।
दिल्ली से चल रही है बिहार सरकार: तेजस्वी
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार की सरकार वास्तव में दिल्ली से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री 'रबर स्टांप' से अधिक कुछ नहीं हैं और राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों तथा अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही, बल्कि उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। गौरतलब है कि विपक्ष पहले भी कई अवसरों पर बिहार में केंद्र के हस्तक्षेप का आरोप लगाता रहा है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और इस मामले को विधानसभा में उठाने की तैयारी है। इस घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।