बिहार में अपराध बेलगाम: तेजस्वी यादव का सरकार पर आरोप — 'अपराधियों को मिल रहा राजनीतिक संरक्षण'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार, 13 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सत्तापक्ष अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में हत्या, अपहरण, लूट, बलात्कार और चोरी जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार विफलताओं को छिपाने में व्यस्त है।
फेसबुक पर साझा की आपराधिक घटनाओं की कटिंग
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हालिया आपराधिक घटनाओं से जुड़ी समाचार कटिंग साझा करते हुए आरोप लगाया कि छात्र, युवा, व्यवसायी, महिलाएँ और आम नागरिक — सभी अपराधियों के निशाने पर हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस और अपराधियों के बीच कथित गठजोड़ राज्य की जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के नेता स्वयं भ्रष्टाचार और शराब तस्करी जैसे मामलों में उलझे हुए हैं।
पटना अपहरण-हत्या मामला: बंटी कुमार प्रकरण
इससे पहले तेजस्वी यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू करबिगहिया निवासी किराना व्यवसायी बंटी कुमार के अपहरण और हत्या का मामला उठाया था। उनके अनुसार, 6 जुलाई को पटना जंक्शन के निकट से बंटी कुमार का अपहरण किया गया था। तेजस्वी यादव का आरोप है कि घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और उल्टे पीड़ित परिवार को फटकार लगाई।
राजद नेता ने बताया कि उनकी पार्टी के एक शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनके अनुसार, राजद के दबाव के बाद पुलिस ने अथमलगोला थाना क्षेत्र से बंटी कुमार का क्षत-विक्षत शव बरामद किया और परिजनों को सूचित किया। तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि पुलिस शुरुआत से सक्रिय रहती, तो संभवतः युवक की जान बचाई जा सकती थी।
कथित अवैध नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के अनुसार करबिगहिया और पटना जंक्शन के आसपास कथित अवैध देह व्यापार का नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि ऐसे कथित सिंडिकेट के सरगनाओं पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की।
रोहिणी आचार्या ने भी उठाई आवाज़
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पुत्री और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहिणी आचार्या ने भी एक्स पर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि बंटी यादव की निर्मम हत्या ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोहिणी आचार्या ने दावा किया कि पटना जंक्शन जैसे अत्यधिक संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके से दिनदहाड़े अपहरण यह दर्शाता है कि अपराधियों में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बंटी यादव स्थानीय स्तर पर चल रहे कथित अवैध देह व्यापार का विरोध कर रहे थे और सरकार ऐसे लोगों को भी सुरक्षा देने में विफल रही जो अपराध के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं। उन्होंने निष्पक्ष जाँच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की।
आगे क्या होगा
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बंटी कुमार हत्याकांड की जाँच जारी बताई जा रही है। यह मामला बिहार विधानसभा के आगामी सत्र में भी गूँज सकता है, क्योंकि राजद ने इसे राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं की एक कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया है।