ईओ विमल कुमार हत्याकांड: राजद विधायक भाई वीरेंद्र की मांग — स्पीडी ट्रायल हो, दोषियों को जल्द सजा मिले
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में ईओ विमल कुमार हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 6 अगस्त को मांग की कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित किया जाए और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जाए। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
पीड़ित परिवार और नेताओं की मुलाकात
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, 'हमारे नेता तेजस्वी यादव अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे और उन्होंने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। हमारे नेता की भी माँग रही कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मामले में न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
₹50 लाख रंगदारी और नेता का नाम
विधायक ने इस हत्याकांड में एक राजनेता की कथित संलिप्तता की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा, 'इस हत्याकांड में एक नेता का नाम आ रहा है। ईओ की पत्नी ने साफ तौर पर कहा है कि ₹50 लाख की रंगदारी माँगी गई थी और उन्होंने नाम का भी खुलासा किया था।' उन्होंने माँग की कि उस व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर रुख
राजद विधायक ने झारखंड सहित देशभर के पेपर लीक मामलों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'पूरे देश में हो रहा है। छात्र अपनी माँगों को लेकर और अपने भविष्य की चिंता कर रहे हैं। मैं छात्रों के आंदोलन के साथ हूँ।' उन्होंने विशेष रूप से NEET और अन्य परीक्षा घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
संसद के विशेष सत्र की अटकलों पर उन्होंने कहा, 'इस पर सदन महीनों चलना चाहिए, बहस होनी चाहिए और सरकार को जवाब देना चाहिए कि कौन-सी कार्रवाई की जा रही है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होता — क्रियान्वयन ज़रूरी है।
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर टिप्पणी
पंजाब कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के हालिया बयान पर राजद विधायक ने कहा, 'यह कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला है। उस पार्टी के मामले में हमारा बोलना उचित नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वडिंग को चुनाव लड़ाया जाएगा या नहीं, यह भविष्य में ही स्पष्ट होगा।
आगे क्या होगा
ईओ विमल कुमार हत्याकांड में अब तक की जाँच में कथित तौर पर एक राजनीतिक व्यक्ति का नाम सामने आया है। पीड़ित परिवार द्वारा रंगदारी के आरोप और नाम के खुलासे के बाद यह मामला बिहार की राजनीति में केंद्रबिंदु बन गया है। विपक्ष की माँग है कि स्पीडी ट्रायल के जरिए न्याय प्रक्रिया को तेज किया जाए और दोषियों को शीघ्र दंडित किया जाए।