20 सितंबर 2026
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सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में कृषि अधिकारी सहित तीन को ₹35,000 रिश्वत मामले में दबोचा

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सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में कृषि अधिकारी सहित तीन को ₹35,000 रिश्वत मामले में दबोचा

सारांश

जम्मू-कश्मीर में एचएडीपी सब्सिडी दिलाने के नाम पर ₹35,000 रिश्वत माँगना एक कृषि अधिकारी को भारी पड़ा — सीबीआई के जाल में तीन फँसे। उसी दिन गुजरात में भी एसीबी ने राजकोट पुलिस के एक एएसआई और जीआरडी कर्मी को ₹10,000 की रिश्वत लेते दबोचा।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 20 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग के एसडीएओ , एईए और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि एसडीएओ ने एचएडीपी योजना के तहत सब्सिडी जारी करने के बदले ₹35,000 की रिश्वत माँगी।
सीबीआई ने जाल बिछाकर एईए और निजी व्यक्ति को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
गुजरात एसीबी ने राजकोट के एएसआई राजेशभाई मेर और जीआरडी कर्मी मनोजभाई चौहान को ₹10,000 की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया।
दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 20 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग के एक उप-विभागीय कृषि अधिकारी (एसडीएओ) और कृषि विस्तार सहायक (एईए) समेत तीन सरकारी कर्मचारियों तथा एक निजी व्यक्ति को ₹35,000 की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। सीबीआई ने यह कार्रवाई जाल बिछाकर की, जिसमें आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

सीबीआई ने इस मामले में 19 सितंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, कृषि विभाग के एसडीएओ ने शिकायतकर्ता से समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) योजना के तहत सब्सिडी जारी करवाने के एवज में ₹35,000 की रिश्वत मांगी। आरोपी एसडीएओ ने शिकायतकर्ता को कहा था कि रिश्वत की राशि या तो एईए को या एक निजी व्यक्ति को सौंपी जाए।

सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी एईए तथा निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से ₹15,000 की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद तीसरे आरोपी, उप-विभागीय कृषि अधिकारी को उनके आवास से हिरासत में लिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।

गुजरात में भी रिश्वत का मामला, एएसआई और जीआरडी कर्मी पकड़े गए

इसी दौरान, गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने राजकोट के अजी डैम पुलिस स्टेशन में तैनात 53 वर्षीय सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) राजेशभाई उर्फ राजुभाई मेर और उसी चौकी में कार्यरत 31 वर्षीय गुजरात रक्षा दल (जीआरडी) कर्मी मनोजभाई चौहान को ₹10,000 की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खिलाफ अजी डैम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज थी और मेर उस मामले की जांच कर रहे थे। आरोप है कि मेर ने आरोपियों को लॉकअप में न रखने और जमानत की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाने के बदले शिकायतकर्ता से ₹10,000 की माँग की। उन्होंने शिकायतकर्ता को निर्देश दिया कि रकम चौहान को सौंपी जाए। हालांकि, शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया और एसीबी के टोल-फ्री नंबर '1064' पर शिकायत दर्ज कराई।

एचएडीपी योजना और सब्सिडी से जुड़ा संदर्भ

समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) जम्मू-कश्मीर सरकार की एक प्रमुख कृषि सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण और सहायता उपलब्ध कराना है। यह ऐसे समय में आया है जब भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंसियाँ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यस्थों द्वारा अनधिकृत वसूली के मामलों पर नज़र रख रही हैं।

आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर कृषि रिश्वत प्रकरण में जांच जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। गुजरात में एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिवत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। दोनों मामले यह रेखांकित करते हैं कि कल्याणकारी योजनाओं के वितरण और कानून-प्रवर्तन में भ्रष्टाचार की जड़ें किस गहराई तक फैली हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एचएडीपी जैसी किसान-केंद्रित योजनाएँ सबसे कमज़ोर तबके को निशाना बनाने का जरिया बनती हैं। सीबीआई और एसीबी की एकसाथ कार्रवाई संकेत देती है कि भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंसियाँ सक्रिय हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसी वसूली की शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत कितने लाभार्थियों में है। टोल-फ्री नंबर '1064' जैसे तंत्र तब तक अधूरे हैं जब तक शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित न हो।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में सीबीआई ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर कृषि विभाग के उप-विभागीय कृषि अधिकारी (एसडीएओ), कृषि विस्तार सहायक (एईए) और एक निजी व्यक्ति को ₹35,000 की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। ये अधिकारी एचएडीपी योजना के तहत सब्सिडी जारी करवाने के बदले रकम मांग रहे थे।
एचएडीपी योजना क्या है और इससे किसे फायदा मिलता है?
समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) जम्मू-कश्मीर सरकार की कृषि सब्सिडी योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक उपकरण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस मामले में आरोप है कि इसी योजना की सब्सिडी को रिश्वत वसूली का ज़रिया बनाया गया।
गुजरात में एसीबी ने किसे गिरफ्तार किया और क्या आरोप है?
गुजरात एसीबी ने राजकोट के अजी डैम पुलिस चौकी में तैनात एएसआई राजेशभाई उर्फ राजुभाई मेर (53 वर्ष) और जीआरडी कर्मी मनोजभाई चौहान (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोप है कि मेर ने आरोपी को लॉकअप से बचाने और जमानत जल्दी दिलाने के बदले शिकायतकर्ता से ₹10,000 की माँग की थी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत के खिलाफ कैसे शिकायत दर्ज कराई?
गुजरात मामले में शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी के टोल-फ्री नंबर '1064' पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।
इन मामलों में आगे क्या होगा?
सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर मामले में जांच जारी रहने की बात कही है और आगे और खुलासे हो सकते हैं। गुजरात में एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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