डीडीए सतर्कता अधिकारी रिश्वत में रंगे हाथ गिरफ्तार, सीबीआई ने ₹3 लाख के मामले में की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 मई 2026 को नई दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के एक सहायक सतर्कता अधिकारी और एक मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर एक शिकायतकर्ता से ₹3 लाख की अनुचित राशि वसूली, जो कि मूल रूप से ₹5 लाख की मांग थी।
मामले का घटनाक्रम
सीबीआई ने डीडीए के पूर्व उप निदेशक की शिकायत के आधार पर 18 मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत के अनुसार, आरोपी सहायक सतर्कता अधिकारी ने शिकायतकर्ता के विरुद्ध चल रहे सतर्कता मामले में उसके मूल विभाग को अनुकूल जवाब भेजने के बदले ₹5 लाख की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद यह राशि ₹3 लाख पर तय हुई।
सीबीआई ने उसी दिन जाल बिछाया। आरोप है कि सहायक सतर्कता अधिकारी ने डीडीए के एमटीएस कर्मचारी के माध्यम से शिकायतकर्ता से ₹50,000 की पहली किस्त मांगी और स्वीकार की। इस ट्रैप ऑपरेशन में दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीआई की कार्रवाई का महत्व
यह मामला इसलिए विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि आरोपी अधिकारी स्वयं सतर्कता विभाग से संबंधित है — यानी जिस विभाग पर भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है, उसी का अधिकारी कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया। गौरतलब है कि डीडीए दिल्ली में भूमि और आवास आवंटन जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए जिम्मेदार है, जहाँ नागरिकों का सीधा और बड़ा आर्थिक हित जुड़ा होता है।
नागरिकों के लिए शिकायत माध्यम
सीबीआई ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत की मांग करे, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत सीबीआई कार्यालय में जाकर या मोबाइल नंबर 9650394847 पर कॉल करके दर्ज कराई जा सकती है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है। सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि इस रिश्वत नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।