गुजरात एसीबी का बड़ा ट्रैप: राजकोट में एएसआई और जीआरडी कर्मी ₹10,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने 20 सितंबर 2026 को राजकोट में एक सुनियोजित जाल बिछाकर अजी डैम पुलिस चौकी में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) राजेशभाई उर्फ राजुभाई मेर और गुजरात रक्षा दल (जीआरडी) के कर्मी मनोजभाई चौहान को कथित तौर पर ₹10,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। एसीबी के अनुसार, रिश्वत की पूरी राशि मौके से बरामद कर ली गई है और दोनों आरोपियों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के खिलाफ अजी डैम पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज था, जिसकी जांच 53 वर्षीय एएसआई मेर कर रहे थे। आरोप है कि मेर ने शिकायतकर्ता से मामले में आरोपियों को लॉकअप से बाहर रखने और जमानत प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के एवज में ₹10,000 की माँग की।
मेर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को रिश्वत की यह रकम 31 वर्षीय जीआरडी कर्मी मनोजभाई चौहान को सौंपने का निर्देश दिया। हालाँकि, शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था और उसने एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन '1064' पर शिकायत दर्ज कराई।
जाल बिछाने की कार्रवाई
शिकायत के आधार पर एसीबी ने रविवार को कार्रवाई की। जाल राजकोट शहर के पूर्वी डिवीजन के ट्रैफिक भवन परिसर में, अजी डैम पुलिस चौकी के गेट के सामने बिछाया गया। अधिकारियों के अनुसार, चौहान ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से मौके पर ही ₹10,000 की पूरी राशि स्वीकार कर ली, जिसके बाद एसीबी की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
यह जाल राजकोट ग्रामीण एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एम.एन. राणा के नेतृत्व में बिछाया गया। एसीबी ने स्पष्ट किया कि माँगी गई, स्वीकार की गई और बरामद की गई राशि एक समान — ₹10,000 — है।
एसीबी का व्यापक अभियान
यह गिरफ्तारी गुजरात एसीबी द्वारा लोक सेवकों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। एसीबी नियमित रूप से 1064 टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की जाँच करती है और जहाँ आरोप पुष्ट होते हैं, वहाँ दोषियों को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन चलाया जाता है।
गौरतलब है कि पुलिस कर्मियों द्वारा मामले की जांच के दौरान रिश्वत माँगने की यह घटना पुलिस तंत्र में जवाबदेही की बड़ी चुनौती को उजागर करती है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के दावों को मजबूत करने में जुटी है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों — एएसआई राजेशभाई मेर और जीआरडी कर्मी मनोजभाई चौहान — के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी की आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में और लोग शामिल हैं या नहीं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।