कन्नूर में एमडीएमए के साथ 39 वर्षीय गिरफ्तार, स्कूटर से 1.277 ग्राम ड्रग्स बरामद
सारांश
मुख्य बातें
केरल के कन्नूर जिले में पुलिस ने 20 सितंबर 2026 (रविवार) को प्रतिबंधित मादक पदार्थ एमडीएमए रखने के आरोप में सिद्दीक वीपी (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी के स्कूटर से 1.277 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई, जो कन्नूर के कूदाली इलाके में कोलोलम रोड जंक्शन के पास की गई तलाशी में मिली।
गिरफ्तारी का विवरण
गिरफ्तार आरोपी सिद्दीक वीपी केरल के चालोडे जिले के कोलोलम का निवासी है। मट्टन्नूर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर राहुल रघुनाथ के नेतृत्व में एक टीम ने यह गिरफ्तारी की। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई कन्नूर शहर के पुलिस आयुक्त बीवी विजया भरत रेड्डी आईपीएस के निर्देश पर की गई।
टीम में सीपीओ विजिलमन, रिजिल, शमना और निबिन के साथ-साथ डान्साफ टीम के सदस्य एएसआई अजीत, एएसआई महेश और एससीपीओ सानिश के. शामिल थे।
मलप्पुरम में पहले भी हुई कार्रवाई
इसी महीने की शुरुआत में मलप्पुरम जिले के निलंबूर और आसपास के इलाकों में एक बड़े ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले में माम्पाद के एक कॉलेज में कार्यरत अतिथि व्याख्याता पी. सुहैल, रीना टी.एन., विवेक विजयन और सुब्रमण्यन को गिरफ्तार किया गया था।
सब-इंस्पेक्टर अर्शीद के.एम. के नेतृत्व में निलंबूर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने शुरुआत में सुब्रमण्यन को हिरासत में लेकर उसके पास से 0.4 ग्राम एमडीएमए और 0.5 ग्राम गांजा जब्त किया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह सुहैल, विवेक और रीना को नियमित रूप से एमडीएमए की आपूर्ति करता था।
शिक्षाजगत में संलिप्तता से बढ़ी चिंता
मलप्पुरम प्रकरण में एक कॉलेज व्याख्याता की कथित संलिप्तता ने शिक्षा और युवा वर्ग से जुड़ी गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। पुलिस के अनुसार, सुहैल कथित तौर पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर छात्रों और उनके परिचितों को कृत्रिम नशीले पदार्थ सप्लाई करता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब केरल में युवाओं के बीच सिंथेटिक ड्रग्स के प्रसार को लेकर सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चिंता गहरा रही है।
आम जनता और युवाओं पर असर
गौरतलब है कि एमडीएमए जैसे सिंथेटिक मादक पदार्थ युवाओं में तेज़ी से फैल रहे हैं और इनकी लत अत्यंत हानिकारक साबित हो सकती है। इस महीने केरल के दो अलग-अलग जिलों में हुई इन गिरफ्तारियों से संकेत मिलता है कि पुलिस स्थानीय वितरण नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान तेज़ कर रही है।
क्या होगा आगे
कन्नूर मामले में सिद्दीक वीपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है। जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी का किसी बड़े नेटवर्क से संबंध तो नहीं था। मलप्पुरम मामले में भी जाँच जारी है और आपूर्ति श्रृंखला की पूरी परतें खोलने के प्रयास हो रहे हैं।