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कोलकाता पुलिस का सख्त आदेश: CCTNS पर FIR और चार्जशीट की ऑनलाइन अपडेटिंग में तत्काल तेज़ी लाएं

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कोलकाता पुलिस का सख्त आदेश: CCTNS पर FIR और चार्जशीट की ऑनलाइन अपडेटिंग में तत्काल तेज़ी लाएं

सारांश

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने CCTNS पोर्टल पर FIR और चार्जशीट की अपडेटिंग में ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाया है। पूर्वी कोलकाता के कई थानों में लापरवाही उजागर होने के बाद लालबाज़ार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है और साइबर स्टेशन व POCSO निगरानी को भी प्राथमिकता दी है।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने शनिवार, 20 सितंबर 2026 को हुई बैठक में CCTNS पोर्टल पर FIR और चार्जशीट की त्वरित अपडेटिंग के निर्देश दिए।
पूर्वी कोलकाता और ईस्टर्न सबअर्बन डिवीजन के कुछ थानों में चार्जशीट अपलोड की रफ़्तार विशेष रूप से धीमी पाई गई।
लालबाज़ार ने लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मिसिंग पर्सन पोर्टल पर लापता व्यक्ति मिलने के बाद भी जानकारी अपडेट न करने की समस्या उजागर हुई।
प्रत्येक पुलिस डिवीजन में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने और POCSO मामलों की ट्रायल मॉनिटरिंग तेज़ करने के निर्देश दिए गए।
घरेलू चोरी और बाइक चोरी के मामलों में सभी थानों को विशेष सतर्कता बरतने का आदेश।

कोलकाता पुलिस ने 20 सितंबर 2026 को शहर के सभी थानों के प्रभारी अधिकारियों (ओसी) और इंटेलिजेंस विभाग को अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) पोर्टल पर FIR और उससे संबंधित समस्त जानकारियाँ समय पर ऑनलाइन अपडेट करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। पुलिस आयुक्त अजय नंद ने शनिवार को लालबाज़ार मुख्यालय में हुई अपराध समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया।

बैठक में क्या हुआ

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस आयुक्त अजय नंद ने समीक्षा बैठक में CCTNS पोर्टल पर FIR नंबर और उससे जुड़ी जानकारियों की अपडेटिंग की रफ़्तार पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और इंटेलिजेंस अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेटा अपलोडिंग की गति को तत्काल बढ़ाया जाए।

बैठक में विशेष रूप से चार्जशीट दस्तावेज़ अपलोड करने पर ज़ोर दिया गया। लालबाज़ार ने अधिकारियों को पुराने लंबित मामलों की चार्जशीट भी जल्द से जल्द पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।

कहाँ है सबसे ज़्यादा लापरवाही

रिपोर्टों के अनुसार, पूर्वी कोलकाता और ईस्टर्न सबअर्बन डिवीजन के कुछ थानों में चार्जशीट अपलोड करने की गति विशेष रूप से धीमी पाई गई। पुलिस आयुक्त ने संबंधित थाना प्रभारियों से इस लापरवाही का कारण पूछा और लालबाज़ार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

लापता व्यक्ति पोर्टल पर भी चूक

बैठक में यह भी उजागर हुआ कि कई मामलों में लापता व्यक्ति के मिल जाने के बाद भी उसकी जानकारी मिसिंग पर्सन पोर्टल पर समय पर अपडेट नहीं की जाती, जिससे प्रशासनिक भ्रम की स्थिति बनती है। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी लापता व्यक्ति के मिलने की सूचना तुरंत पोर्टल पर दर्ज की जाए। गौरतलब है कि डेटा की यह अनियमितता न केवल पुलिस रिकॉर्ड को कमज़ोर करती है, बल्कि अदालतों में मामलों की प्रगति को भी प्रभावित करती है।

साइबर स्टेशन और पॉक्सो मामलों पर भी फ़ोकस

लालबाज़ार ने शहर के प्रत्येक पुलिस डिवीजन में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं, जो बढ़ते साइबर अपराध के मद्देनज़र एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके अलावा, बाल यौन अपराध संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेज़ी लाने पर भी विशेष ज़ोर दिया गया है। यदि किसी मामले की न्यायिक प्रक्रिया धीमी पाई जाती है, तो इंटेलिजेंस विभाग की ट्रायल मॉनिटरिंग सेक्शन उसकी समीक्षा करेगी।

घरेलू और बाइक चोरी पर सतर्कता का निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने घरों में चोरी और बाइक चोरी के मामलों में भी सभी थानों और इंटेलिजेंस विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शहर में इस प्रकार के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि की चर्चा है। आने वाले हफ्तों में थाना स्तर पर CCTNS अनुपालन की समीक्षा और लापरवाही पर कार्रवाई, कोलकाता पुलिस के डिजिटल प्रशासन की परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और कोलकाता में थाना स्तर पर यह अनुपालन स्पष्ट रूप से अपेक्षित गति से पीछे है। यह समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की है — जब चार्जशीट समय पर पोर्टल पर नहीं चढ़ती, तो अदालती प्रक्रिया और अभियोजन दोनों प्रभावित होते हैं। पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में यह विलंब पीड़ितों के न्याय को और लंबा खींच सकता है। चेतावनी देना ज़रूरी था, लेकिन असली परीक्षा अगले कुछ हफ्तों में होगी — जब लालबाज़ार देखेगा कि निर्देश केवल बैठक की कार्यवाही में दर्ज हुए या धरातल पर भी उतरे।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता पुलिस का CCTNS पर नया आदेश क्या है?
कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने सभी थाना प्रभारियों और इंटेलिजेंस अधिकारियों को CCTNS पोर्टल पर FIR नंबर, चार्जशीट और संबंधित दस्तावेज़ समय पर ऑनलाइन अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
CCTNS पोर्टल क्या है और यह क्यों ज़रूरी है?
CCTNS यानी अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जिस पर थानों की FIR, चार्जशीट और आपराधिक रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किए जाते हैं। इससे पुलिस, अदालतें और जाँच एजेंसियाँ मामलों की रियल-टाइम स्थिति देख सकती हैं और न्यायिक प्रक्रिया में तेज़ी आती है।
किन थानों में सबसे ज़्यादा लापरवाही पाई गई?
रिपोर्टों के अनुसार पूर्वी कोलकाता और ईस्टर्न सबअर्बन डिवीजन के कुछ थानों में चार्जशीट अपलोड करने की रफ़्तार सबसे धीमी पाई गई। पुलिस आयुक्त ने इन थानों के प्रभारियों से सीधे जवाब-तलब किया है।
मिसिंग पर्सन पोर्टल पर क्या समस्या सामने आई?
बैठक में यह उजागर हुआ कि कई मामलों में लापता व्यक्ति के मिल जाने के बाद भी उसकी जानकारी मिसिंग पर्सन पोर्टल पर अपडेट नहीं की जाती। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया है कि लापता व्यक्ति मिलने पर तुरंत पोर्टल पर जानकारी दर्ज की जाए ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
कोलकाता पुलिस ने साइबर अपराध और POCSO मामलों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
लालबाज़ार ने शहर के प्रत्येक पुलिस डिवीजन में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही POCSO अधिनियम, 2012 के तहत मामलों की सुनवाई में देरी होने पर इंटेलिजेंस विभाग की ट्रायल मॉनिटरिंग सेक्शन द्वारा समीक्षा का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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