दिल्ली पुलिस ने CCTNS प्रगति डैशबोर्ड पर लगातार छठी बार हासिल किया 100% स्कोर, देशभर में नंबर-1

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दिल्ली पुलिस ने CCTNS प्रगति डैशबोर्ड पर लगातार छठी बार हासिल किया 100% स्कोर, देशभर में नंबर-1

सारांश

दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 में CCTNS प्रगति डैशबोर्ड पर लगातार छठी बार 100% स्कोर हासिल कर देशभर में पहला स्थान बरकरार रखा। अक्टूबर 2025 से शुरू हुई यह अटूट बढ़त NCRB और गृह मंत्रालय की निगरानी में होती है — और यह डिजिटल पुलिसिंग में दिल्ली की मज़बूत पकड़ का प्रमाण है।

Key Takeaways

दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 में CCTNS प्रगति डैशबोर्ड पर 100% स्कोर हासिल कर लगातार छठी बार राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ और अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2025 तथा जनवरी, फरवरी, मार्च 2026 तक अनवरत जारी रहा। मूल्यांकन गृह मंत्रालय और NCRB द्वारा पुलिस स्टेशन कनेक्टिविटी, डेटा गुणवत्ता, एफआईआर की इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन सहित कई मानकों पर किया जाता है। डीसीपी आदित्य गौतम , एसीपी मुकेश राठी और इंस्पेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने रणनीतिक नेतृत्व प्रदान किया। दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्छा ने टीम की मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म की सराहना की।

दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 में सीसीटीएनएस (अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणालियां) प्रगति डैशबोर्ड पर 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह लगातार छठी बार है जब दिल्ली पुलिस ने इस राष्ट्रीय डिजिटल पुलिसिंग मूल्यांकन में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जो तकनीक-आधारित पुलिसिंग और डेटा प्रबंधन में उसकी निरंतर उत्कृष्टता को रेखांकित करता है।

लगातार छह माह की अटूट बढ़त

दिल्ली पुलिस ने सबसे पहले अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार तीन महीने 100 प्रतिशत स्कोर दर्ज किया था। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2026 में भी पहला स्थान बरकरार रखा गया। अब मार्च 2026 में भी शीर्ष पायदान पर बने रहकर दिल्ली पुलिस ने डिजिटल पुलिसिंग में अपनी निर्बाध श्रेष्ठता सिद्ध की है।

प्रगति डैशबोर्ड का मूल्यांकन ढाँचा

गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा संचालित यह प्रगति डैशबोर्ड राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों पर करता है। इनमें पुलिस स्टेशनों की कनेक्टिविटी, डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, डेटा एंट्री की गुणवत्ता, पुराने डेटा का माइग्रेशन, स्टेट डेटा सेंटर और नेशनल डेटा सेंटर के बीच डेटा सिंक्रोनाइज़ेशन, कोर्ट में एफआईआर की इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन, नागरिक सेवाएँ तथा अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) की नियमित समीक्षा बैठकें शामिल हैं।

सफलता के पीछे की टीम

इस उपलब्धि में क्राइम ब्रांच की CCTNS टीम की केंद्रीय भूमिका रही। टीम ने डेटा की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी, जिलों और थानों के साथ रियल-टाइम समन्वय किया, तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान निकाला और अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया। रणनीतिक मार्गदर्शन में डीसीपी/CCTNS आदित्य गौतम, एसीपी/CCTNS मुकेश राठी और इंस्पेक्टर राजीव श्रीवास्तव की अहम भूमिका रही। गौरतलब है कि सभी जिलों के पुलिसकर्मियों ने भी तय समयसीमा का पालन करते हुए जाँच से जुड़े रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए और डेटा का डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया।

नवीन न्याय संहिता का प्रभावी क्रियान्वयन

यह सफलता 'नवीन न्याय संहिता' के प्रभावी क्रियान्वयन और CCTNS तथा ICJS जैसे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग का सीधा नतीजा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देशभर में डिजिटल पुलिसिंग को गति देने के लिए राज्यों पर ज़ोर दे रही है।

आयुक्त की सराहना और आगे की राह

दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्छा ने सभी जिलों, यूनिट्स और CCTNS टीम को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, प्रोफेशनलिज़्म और टीमवर्क की सराहना की। उन्होंने कहा कि इसी तरह के उच्च मानकों को बनाए रखना ज़रूरी है, ताकि तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को और मज़बूत किया जा सके। दिल्ली पुलिस ने भरोसा जताया है कि वह आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रक्रियाओं के ज़रिए भविष्य में भी नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर सेवाएँ देती रहेगी।

Point of View

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि CCTNS डैशबोर्ड डेटा एंट्री और सिंक्रोनाइज़ेशन जैसे प्रक्रिया-संबंधी मानकों को मापता है — ज़मीनी अपराध नियंत्रण या न्याय वितरण की गति को नहीं। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह डिजिटल उत्कृष्टता अदालतों में मामलों के तेज़ निपटारे और नागरिकों को बेहतर सेवाओं में तब्दील हो रही है। डेटा प्रबंधन में शीर्ष रहना एक मज़बूत नींव है, पर इसे पुलिस सुधार का अंतिम पैमाना मानना जल्दबाज़ी होगी।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

CCTNS प्रगति डैशबोर्ड क्या है?
CCTNS प्रगति डैशबोर्ड गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय मूल्यांकन मंच है, जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की डिजिटल पुलिसिंग प्रगति को मापता है। इसमें पुलिस स्टेशन कनेक्टिविटी, डेटा गुणवत्ता, एफआईआर की इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन और ICJS समीक्षा जैसे मानक शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने यह उपलब्धि कितनी बार हासिल की है?
दिल्ली पुलिस ने मार्च 2026 तक लगातार छह बार — अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक — CCTNS प्रगति डैशबोर्ड पर 100% स्कोर हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस सफलता में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
क्राइम ब्रांच की CCTNS टीम के साथ-साथ डीसीपी/CCTNS आदित्य गौतम, एसीपी/CCTNS मुकेश राठी और इंस्पेक्टर राजीव श्रीवास्तव ने रणनीतिक मार्गदर्शन और समन्वय के ज़रिए इस उपलब्धि को संभव बनाया।
CCTNS और ICJS में क्या अंतर है?
CCTNS यानी अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणालियां पुलिस स्तर पर अपराध डेटा के डिजिटलीकरण और प्रबंधन के लिए है, जबकि ICJS यानी अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली पुलिस, अदालत, जेल और अभियोजन विभागों को आपस में जोड़ती है।
दिल्ली पुलिस की यह उपलब्धि आम नागरिकों के लिए क्यों मायने रखती है?
इस उपलब्धि का अर्थ है कि एफआईआर दर्ज होने से लेकर अदालत तक डेटा तेज़ी से और सटीक तरीके से पहुँचता है, जिससे जाँच में पारदर्शिता बढ़ती है और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है।
Nation Press