हरियाणा में 100% ई-कोर्ट समन जारी, ई-चार्जशीट स्वीकृति 90% पार — डिजिटल न्याय में नई मिसाल
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा ने आपराधिक न्याय प्रणाली के डिजिटलीकरण में एक ऐतिहासिक पड़ाव पार किया है। राज्य ने नए आपराधिक कानूनों के तहत 100 प्रतिशत कोर्ट समन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी करने और ई-चार्जशीट की स्वीकृति दर 90 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह जानकारी 16 जून 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सामने आई।
33वीं राज्य सर्वोच्च समिति की बैठक में हुई समीक्षा
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) तथा अंतरसंचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) पर 33वीं राज्य सर्वोच्च समिति (SSC) की बैठक आयोजित की गई। इसमें नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, CCTNS और ICJS पहलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी पाया गया कि अब सभी अदालती समन कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CIS) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से तैयार किए जा रहे हैं — जो कागज-रहित न्याय व्यवस्था की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर हरियाणा का दबदबा
पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने समिति को बताया कि हरियाणा ने 7 जून 2026 से राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर पहला स्थान हासिल किया है। इससे भी उल्लेखनीय यह है कि राज्य जून 2021 से अब तक के 59 महीनों में 44 बार इस डैशबोर्ड पर शीर्ष पर रहा है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा ने अप्रैल 2026 में प्रगति डैशबोर्ड पर भी पहला स्थान प्राप्त किया था।
गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देश भर में नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम — के क्रियान्वयन की गति राज्य-दर-राज्य अलग-अलग है।
नागरिक सेवाओं में भी शीर्ष प्रदर्शन
समिति को सूचित किया गया कि हरियाणा पुलिस सेवा का अधिकार (RTS) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक लगातार बनाए हुए है। अब तक 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटारा किया जा चुका है, जिससे हरियाणा पुलिस सार्वजनिक सेवा वितरण में राज्य के सर्वश्रेष्ठ विभागों में शुमार हो गई है।
मुख्य सचिव रस्तोगी ने विभाग के प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी हितधारकों को यह गति बनाए रखने, लंबित परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और पुलिसिंग, जांच एवं न्याय वितरण को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया।
ICJS 2.0 के तहत अवसंरचना आधुनिकीकरण
बैठक का एक प्रमुख एजेंडा ICJS 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना का चल रहा आधुनिकीकरण था। पुलिस, जेलों, अभियोजन पक्ष, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और अदालतों के बीच निर्बाध सूचना-साझाकरण सुनिश्चित करने के लिए उन्नत डेस्कटॉप कंप्यूटर, UPS सिस्टम, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, QR कोड रीडर व प्रिंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंडपॉइंट और LED डिस्प्ले सिस्टम की खरीद और तैनाती की जा रही है।
पुलिस और अदालती प्रणालियों के सफल एकीकरण से ई-चार्जशीट की स्वीकृति दर 90 प्रतिशत से ऊपर पहुँच गई है, जिससे आपराधिक जांच और अभियोजन में दक्षता व पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आने वाले महीनों में इस डिजिटल ढाँचे का और विस्तार अपेक्षित है।