2 अगस्त 2026 पंचांग: संकष्टी चतुर्थी व्रत से प्रसन्न होते हैं गणेश, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
सारांश
मुख्य बातें
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 2 अगस्त 2026, रविवार को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि रात 11:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद पंचमी तिथि आरंभ होगी। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत रखने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन से समस्त बाधाएं एवं कष्ट दूर होते हैं।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
2 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त शाम 7:04 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:26 बजे और चंद्रास्त सुबह 9:58 बजे होगा। संकष्टी चतुर्थी व्रत में चंद्र दर्शन के बाद पारण (व्रत तोड़ना) का विशेष महत्व माना जाता है।
ग्रह-नक्षत्र स्थिति
पंचांग के अनुसार सूर्य इस दिन रात 9:37 बजे तक पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र में रहेगा, तत्पश्चात उत्तर भाद्रपदा में प्रवेश करेगा। वहीं चंद्रमा रात 9:36 बजे तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा। सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेंगे।
शुभ मुहूर्त — अभिजित और अमृत काल
रविवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 बजे तक रहेगा — यह दिन का सर्वाधिक शुभ काल माना जाता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल दोपहर 1:09 से 2:58 बजे तक रहेगा। इन समयों में पूजा, मांगलिक कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेना फलदायी माना जाता है।
राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड — इनसे बचें
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल शाम 5:26 से 7:04 बजे, गुलिक काल दोपहर 3:48 से शाम 5:26 बजे और यमगंड काल दोपहर 12:33 से 2:10 बजे तक रहेगा। इन अवधियों को अशुभ माना जाता है और इनमें नए कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निवेश से बचने की सलाह दी जाती है।
योग और दिशाशूल
इस दिन अतिगण्ड योग रहेगा — हर्षण योग का अभाव रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा, अतः इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह है। यदि दक्षिण दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर विशेष उपाय अपनाए जा सकते हैं।