29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

30 अगस्त 2026 का पंचांग: भाद्रपद कृष्ण तृतीया, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:52 बजे तक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
30 अगस्त 2026 का पंचांग: भाद्रपद कृष्ण तृतीया, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:52 बजे तक

सारांश

30 अगस्त 2026 को भाद्रपद कृष्ण तृतीया और रविवार का संयोग विष्णु, कृष्ण व सूर्य देव — तीनों की आराधना का अवसर एक साथ लाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:52 बजे तक; राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल से बचें।

मुख्य बातें

30 अगस्त 2026 को भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वितीया सुबह 9:37 बजे तक, उसके बाद तृतीया प्रारंभ।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:52 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
अमृत काल रात 11:08 बजे से 12:44 बजे तक।
राहुकाल शाम 5:09–6:42 बजे , गुलिक काल दोपहर 3:35–5:09 बजे , यमगंड काल दोपहर 12:27–2:01 बजे — इन कालों में नए कार्य वर्जित।
सूर्य मघा नक्षत्र व सिंह राशि में; चंद्रमा मीन राशि में; पश्चिम दिशा में दिशाशूल।
शूल योग अगले दिन सुबह 3:46 बजे तक प्रभावी।

रविवार, 30 अगस्त 2026 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:37 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात तृतीया तिथि का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। रविवार होने के कारण इस दिन सूर्य देव की आराधना भी अत्यंत फलदाई रहेगी।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

इस दिन सूर्योदय सुबह 6:12 बजे और सूर्यास्त शाम 6:42 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:01 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 8:49 बजे होगा। पंचांग गणना के अनुसार, सूर्य इस दिन मघा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा अगले दिन तड़के 3:44 बजे तक उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में रहेगा और उसके बाद रेवती नक्षत्र का प्रारंभ होगा।

शुभ मुहूर्त और योग

इस रविवार हर्षण योग नहीं रहेगा; इसके स्थान पर शूल योग प्रभावी रहेगा, जो अगले दिन सुबह 3:46 बजे तक चलेगा। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा — यह काल किसी भी मंगल कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अतिरिक्त, अमृत काल रात 11:08 बजे से रात 12:44 बजे तक रहेगा।

अशुभ काल — किन समयों से बचें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल शाम 5:09 बजे से 6:42 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3:35 बजे से 5:09 बजे और यमगंड काल दोपहर 12:27 बजे से 2:01 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन तीनों कालों में नए कार्य, अनुबंध या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह ज्योतिष परंपरा में दी जाती है।

राशि स्थिति और दिशाशूल

इस दिन सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में यात्रा टालना उचित रहेगा। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो किसी जानकार ज्योतिषी से विशेष उपाय जानकर प्रस्थान किया जा सकता है।

गौरतलब है कि भाद्रपद माह में रविवार का संयोग सूर्य-विष्णु दोनों की उपासना का अवसर एक साथ प्रदान करता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गृह-प्रवेश की हो, या साधारण यात्रा की। डिजिटल युग में जब ऐप्स और वेबसाइटें पंचांग की जानकारी सेकंडों में उपलब्ध करा रही हैं, तब इस ज्ञान की पहुँच व्यापक हुई है, लेकिन व्याख्या की गुणवत्ता असमान बनी हुई है। भाद्रपद में रविवार और कृष्ण पक्ष का यह संयोग धार्मिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, पर पाठकों को याद रहे कि ज्योतिषीय उपाय व्यक्तिगत कुंडली के संदर्भ में ही पूर्ण फल देते हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

30 अगस्त 2026 को कौन-सी तिथि है?
30 अगस्त 2026 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:37 बजे तक रहेगी, उसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी।
30 अगस्त 2026 का अभिजित मुहूर्त कब है?
इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है और किसी भी मंगल कार्य के लिए उत्तम है।
30 अगस्त 2026 को राहुकाल किस समय है?
इस रविवार राहुकाल शाम 5:09 बजे से 6:42 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 3:35–5:09 बजे और यमगंड काल दोपहर 12:27–2:01 बजे तक है — इन तीनों में नए कार्य न शुरू करने की सलाह दी जाती है।
30 अगस्त 2026 को कौन-से देवता की पूजा विशेष फलदाई है?
भाद्रपद माह होने के कारण भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना विशेष पुण्यदायी मानी जाती है। साथ ही रविवार होने से सूर्य देव की पूजा भी फलदाई रहेगी।
30 अगस्त 2026 को किस दिशा में यात्रा से बचें?
इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष परंपरा के अनुसार इस दिशा में यात्रा टालना उचित है; यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो किसी जानकार ज्योतिषी से उपाय जानकर प्रस्थान करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले