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8 अगस्त 2026 पंचांग: श्रावण कृष्ण दशमी पर रोहिणी नक्षत्र, जानें अभिजित मुहूर्त और राहुकाल

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8 अगस्त 2026 पंचांग: श्रावण कृष्ण दशमी पर रोहिणी नक्षत्र, जानें अभिजित मुहूर्त और राहुकाल

सारांश

8 अगस्त 2026, शनिवार को श्रावण कृष्ण दशमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग है। अभिजित मुहूर्त 11:38 से 12:30 बजे तक, राहुकाल 8:47 से 10:26 बजे तक। दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा।

मुख्य बातें

श्रावण कृष्ण दशमी तिथि शनिवार, 8 अगस्त 2026 को दोपहर 2:00 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद एकादशी आरंभ होगी।
रोहिणी नक्षत्र शाम 4:52 बजे तक और ध्रुव योग सुबह 9:02 बजे तक रहेगा।
दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:38 से दोपहर 12:30 बजे तक।
राहुकाल 8:47–10:26 , गुलिक काल 5:29–7:08 और यमघण्टकाल 1:43–3:22 बजे — इन अवधियों में नए कार्य न करें।
दिशाशूल पूर्व दिशा में; सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा वृष राशि में।
सूर्योदय 5:29 बजे , सूर्यास्त 6:40 बजे ; शनिवार को शनि देव पूजा और दान विशेष फलदायी।

शनिवार, 8 अगस्त 2026 को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो दोपहर 2:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। हिंदू पंचांग परंपरा में यह तिथि अधूरे कार्यों को पूर्ण करने, योजनाओं को सुव्यवस्थित करने और दायित्वों के निर्वहन के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी जाती है। रोहिणी नक्षत्र और ध्रुव योग के संयोग से यह दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

तिथि, नक्षत्र और योग का विवरण

दशमी तिथि दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात एकादशी तिथि आरंभ होगी। रोहिणी नक्षत्र शाम 4:52 बजे तक विद्यमान रहेगा। पंचांग शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि और सृजनात्मकता का प्रतीक माना जाता है — यह शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है। ध्रुव योग सुबह 9:02 बजे तक रहेगा, जिसे दीर्घकालिक और स्थायी कार्यों के लिए उपयुक्त बताया गया है। विष्टि करण दोपहर 1:57 बजे तक रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:29 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा। चंद्रोदय रात 12:19 बजे तथा चंद्रास्त दोपहर 2:46 बजे रहेगा। ग्रहीय स्थिति के अनुसार सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा वृष राशि में विराजमान रहेंगे। चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है।

शुभ मुहूर्त: अभिजित काल

किसी नए कार्य, महत्वपूर्ण निर्णय या पूजा-अनुष्ठान की योजना बनाने वालों के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11:38 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। पंचांग परंपरा में इसे दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। शनिवार होने के कारण शनि देव की आराधना, पीपल वृक्ष की परिक्रमा, तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करना और जरूरतमंदों को दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार तीन कालखंडों में नए व महत्वपूर्ण कार्यों का आरंभ वर्जित माना जाता है। राहुकाल सुबह 8:47 बजे से 10:26 बजे तक, गुलिक काल सुबह 5:29 बजे से 7:08 बजे तक और यमघण्टकाल दोपहर 1:43 बजे से 3:22 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी मान्यता

8 अगस्त 2026 को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि पूर्व दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करने के बाद यात्रा की जा सकती है। अन्य दिशाओं में यात्रा सामान्य रूप से की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से इनका महत्व अखंड है। पत्रकारिता की जिम्मेदारी यह है कि इन्हें 'परंपरागत मान्यता' के रूप में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाए, न कि निर्विवाद तथ्य की तरह।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अगस्त 2026 को कौन-सी तिथि है?
8 अगस्त 2026, शनिवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। यह तिथि दोपहर 2:00 बजे तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी।
8 अगस्त 2026 का अभिजित मुहूर्त कब है?
8 अगस्त 2026 को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:38 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है और इस दौरान नए कार्य, पूजा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।
8 अगस्त 2026 को राहुकाल कितने बजे है?
8 अगस्त 2026 को राहुकाल सुबह 8:47 बजे से 10:26 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना उचित माना जाता है।
8 अगस्त 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
8 अगस्त 2026 को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि पूर्व दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करने के बाद यात्रा की जा सकती है।
8 अगस्त 2026 को कौन-सा नक्षत्र है?
8 अगस्त 2026 को रोहिणी नक्षत्र शाम 4:52 बजे तक रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को स्थिरता, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
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