19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

20 अगस्त 2026 पंचांग: सावन शुक्ल अष्टमी पर जानिए अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
20 अगस्त 2026 पंचांग: सावन शुक्ल अष्टमी पर जानिए अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

सारांश

20 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल अष्टमी और गुरुवार का संयोग है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:37 से 12:27 बजे तक शुभ कार्यों के लिए उत्तम है। राहुकाल दोपहर 1:39 से 3:16 बजे तक रहेगा और दिशाशूल दक्षिण दिशा में है।

मुख्य बातें

20 अगस्त 2026 को सावन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि , दिन गुरुवार ; अष्टमी रात 9:20 बजे तक।
सूर्योदय 5:34 बजे , सूर्यास्त 6:30 बजे ; चंद्रमा वृश्चिक राशि में।
अभिजीत मुहूर्त (शुभ कार्यों के लिए) सुबह 11:37 से दोपहर 12:27 बजे तक।
राहुकाल दोपहर 1:39 से 3:16 बजे ; गुलिक काल 8:48–10:25 बजे ; यमघण्टकाल 5:34–7:11 बजे ।
विशाखा नक्षत्र सुबह 9:09 बजे तक; दिशाशूल दक्षिण दिशा में।

20 अगस्त 2026 को सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है और दिन गुरुवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि रात 9:20 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात नवमी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:34 बजे और सूर्यास्त शाम 6:30 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 12:39 बजे और चंद्रास्त रात 11:15 बजे होगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। विशाखा नक्षत्र सुबह 9:09 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा।

योग और करण की स्थिति

इस दिन इंद्र योग सुबह 4:26 बजे तक रहेगा। विष्टि करण सुबह 8:17 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद पंचांग गणना के अनुसार अगले योग और करण का प्रभाव आरंभ होगा।

शुभ मुहूर्त — अभिजीत काल

दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजीत मुहूर्त है, जो सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। किसी भी महत्वपूर्ण शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। विशेष धार्मिक संस्कारों या मांगलिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त निर्धारित करना अधिक उचित रहता है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल दोपहर 1:39 बजे से 3:16 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8:48 बजे से 10:25 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 5:34 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में नए एवं महत्वपूर्ण कार्यों का आरंभ न करने की परंपरागत सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और यात्रा सावधानी

आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। पंचांग का अनुसरण करने वाले श्रद्धालु दक्षिण दिशा की यात्रा से पूर्व इसका विशेष ध्यान रखते हैं। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार उचित उपाय करने की सलाह दी जाती है। आने वाले दिनों के पंचांग के लिए राष्ट्र प्रेस पर नज़र बनाए रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह महीना शिव आराधना के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। डिजिटल मीडिया के दौर में पंचांग कंटेंट की खोज-दर लगातार बढ़ रही है, जो यह दर्शाती है कि आस्था और प्रौद्योगिकी का समन्वय भारतीय पाठकों के लिए कितना प्रासंगिक है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 अगस्त 2026 को कौन-सी तिथि है?
20 अगस्त 2026 को सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। यह तिथि रात 9:20 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि आरंभ होगी।
20 अगस्त 2026 का अभिजीत मुहूर्त कब है?
20 अगस्त 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है और किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए उपयुक्त है।
20 अगस्त 2026 को राहुकाल किस समय है?
20 अगस्त 2026 को राहुकाल दोपहर 1:39 बजे से 3:16 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस समय नए और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।
20 अगस्त 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
20 अगस्त 2026, गुरुवार को दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। पंचांग का अनुसरण करने वाले लोग इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा से पूर्व विशेष सावधानी रखते हैं।
20 अगस्त 2026 को कौन-सा नक्षत्र है?
20 अगस्त 2026 को विशाखा नक्षत्र सुबह 9:09 बजे तक रहेगा, इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले