20 अगस्त 2026 पंचांग: सावन शुक्ल अष्टमी पर जानिए अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
सारांश
मुख्य बातें
20 अगस्त 2026 को सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है और दिन गुरुवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि रात 9:20 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात नवमी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:34 बजे और सूर्यास्त शाम 6:30 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 12:39 बजे और चंद्रास्त रात 11:15 बजे होगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा। विशाखा नक्षत्र सुबह 9:09 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा।
योग और करण की स्थिति
इस दिन इंद्र योग सुबह 4:26 बजे तक रहेगा। विष्टि करण सुबह 8:17 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद पंचांग गणना के अनुसार अगले योग और करण का प्रभाव आरंभ होगा।
शुभ मुहूर्त — अभिजीत काल
दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजीत मुहूर्त है, जो सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। किसी भी महत्वपूर्ण शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। विशेष धार्मिक संस्कारों या मांगलिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त निर्धारित करना अधिक उचित रहता है।
राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल दोपहर 1:39 बजे से 3:16 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8:48 बजे से 10:25 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 5:34 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में नए एवं महत्वपूर्ण कार्यों का आरंभ न करने की परंपरागत सलाह दी जाती है।
दिशाशूल और यात्रा सावधानी
आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। पंचांग का अनुसरण करने वाले श्रद्धालु दक्षिण दिशा की यात्रा से पूर्व इसका विशेष ध्यान रखते हैं। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार उचित उपाय करने की सलाह दी जाती है। आने वाले दिनों के पंचांग के लिए राष्ट्र प्रेस पर नज़र बनाए रखें।