19 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06–12:59 बजे, शिव-लक्ष्मी पूजा अत्यंत शुभ
सारांश
मुख्य बातें
19 जुलाई 2026 (रविवार) के पंचांग के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना विशेष रूप से फलदायी रहेगा। हिंदू काल-गणना पद्धति पर आधारित पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखकर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करता है, जिसे कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, यात्रा, पूजा या निवेश से पहले देखना उचित माना जाता है।
तिथि, नक्षत्र और योग
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि दोपहर 3:30 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके पश्चात सप्तमी तिथि आरंभ हो जाएगी। नक्षत्र की दृष्टि से सूर्य इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा शाम 6:11 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा और उसके बाद हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेगा। योग की बात करें तो इस दिन परिघ और शिव योग का संयोग है; हर्षण योग इस दिन प्रभावी नहीं रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
पंचांग के अनुसार 19 जुलाई 2026 को सूर्योदय सुबह 5:55 बजे और सूर्यास्त शाम 7:10 बजे होगा। चन्द्रोदय सुबह 10:39 बजे और चन्द्रास्त रात 10:46 बजे होगा। सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मुख्यतः कन्या राशि में विराजमान रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त — दिन का सर्वश्रेष्ठ समय
रविवार को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन का सर्वाधिक शुभ काल होता है। इस अवधि में राहुकाल या किसी अन्य अशुभ समय की चिंता किए बिना पूजा-पाठ, व्यापार का शुभारंभ या कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
अशुभ काल — इन समयों में नए कार्य न करें
पंचांग के अनुसार इस दिन तीन प्रमुख अशुभ काल हैं। राहुकाल शाम 5:36 बजे से 7:19 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 3:28 बजे से शाम 5:09 बजे तक, और यमगंड काल दोपहर 1:33 बजे से 2:12 बजे तक रहेगा। परंपरागत ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इन कालखंडों में कोई नया कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
19 जुलाई 2026 (रविवार) को पश्चिम और दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन इन दिशाओं में यात्रा करने से यथासंभव बचना उचित है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य की सलाह पर उचित उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। पंचांग का यह विवरण श्रद्धालुओं को अपनी दिनचर्या की योजना बनाने में सहायक होगा।