4 अक्टूबर 2026
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सना में सऊदी हवाई हमले, हूती ठिकानों पर निशाना; 24 घंटे में 60 हमलों का दावा

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सना में सऊदी हवाई हमले, हूती ठिकानों पर निशाना; 24 घंटे में 60 हमलों का दावा

सारांश

सना में देर रात सऊदी हवाई हमलों से शहर थर्रा उठा — जमीन हिली, बच्चे जाग गए। हूती का पलटवार भी जारी है: रियाद में अरामको पर मिसाइल दागने और 24 घंटे में 60 हमलों का दावा। मोचा और मय्यून द्वीप पर हूती के हालिया कब्जे के बाद यह संघर्ष खतरनाक नए मोड़ पर है।

मुख्य बातें

सना में 4 अक्टूबर 2026 की देर रात सऊदी अरब ने हवाई हमले किए, हूती समूह के ठिकाने निशाने पर।
हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया का दावा — पिछले 24 घंटों में यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले।
हूती ने रियाद में अरामको की सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले का दावा किया।
हूती ने 10 सितंबर को बंदरगाह शहर मोचा और अगले दिन मय्यून द्वीप पर कब्जा किया।
हूती ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था।
हमलों में किसी के हताहत होने की अभी तक पुष्टि नहीं।

यमन की राजधानी सना में 4 अक्टूबर 2026 की देर रात कई शक्तिशाली विस्फोट हुए, जब सऊदी अरब ने हूती समूह के कब्जे वाले शहर पर हवाई हमले किए। हूती समर्थक अल-मसीरा टीवी के अनुसार, इन हमलों में हूती के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

धमाकों का असर — शहर थर्राया

सना के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि रात के अंधेरे में आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी और पूरे शहर में एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारतों की खिड़कियाँ हिलने लगीं और भवनों में कंपन महसूस हुआ।

निवासी के शब्दों में, 'धमाके इतने तेज थे कि हमारे पैरों के नीचे जमीन हिलने लगी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। हमारी खिड़कियाँ काँप रही थीं और बच्चे डरकर जाग गए।'

हूती का जवाबी दावा — रियाद में अरामको पर हमला

इन हवाई हमलों से पहले शनिवार को हूती समूह ने दावा किया था कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको की एक सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान यमन में 60 हवाई और मिसाइल हमले किए गए। हूती ने इस हमले को यमन पर सऊदी अरब के तेज हुए हमलों का जवाब बताया।

तनाव की जड़ें — समुद्री नाकेबंदी और ज़मीनी लड़ाई

हूती और सऊदी अरब के बीच तनाव उस समय और गहरा गया जब हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया। इसके बाद सीमा पार मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ हवाई हमलों में भी तेजी आई। सितंबर में हूती और यमन की सरकारी सेना के बीच लड़ाई और भीषण हो गई।

गौरतलब है कि हूती ने 10 सितंबर को लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया और अगले ही दिन रणनीतिक रूप से अहम मय्यून द्वीप पर भी अधिकार जमा लिया — जो इस संघर्ष में हूती की सबसे महत्वपूर्ण ज़मीनी बढ़त मानी जा रही है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि — एक दशक से जारी जंग

यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में तब शुरू हुआ था जब हूती ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान शुरू किया। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष थमने के कोई संकेत नहीं दे रहा।

क्या होगा आगे

हमलों में हताहतों और सटीक निशानों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। मोचा और मय्यून द्वीप पर हूती के कब्जे के बाद लाल सागर में शिपिंग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक किसी स्थायी युद्धविराम की संभावना नहीं बनती, दोनों पक्षों के बीच यह जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक व्यापार के लिए अहम हैं। एक दशक से जारी इस संघर्ष में हर जवाबी हमले के साथ नागरिक आबादी पर जोखिम बढ़ता है — और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी इस संकट को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सना में सऊदी हवाई हमले क्यों किए गए?
सऊदी अरब ने 4 अक्टूबर 2026 की देर रात सना में हूती समूह के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई हूती के बढ़ते हमलों और 20 जुलाई को घोषित समुद्री नाकेबंदी के जवाब में तेज हुए सैन्य अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
हूती ने अरामको पर हमले का दावा क्यों किया?
हूती समूह ने दावा किया कि उसने रियाद में अरामको की एक सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हूती ने इसे यमन पर सऊदी अरब के तेज हुए हवाई हमलों का जवाबी कदम बताया।
हूती ने मोचा और मय्यून द्वीप पर कब्जा कब किया?
हूती ने 10 सितंबर को लाल सागर किनारे बसे बंदरगाह शहर मोचा पर और 11 सितंबर को रणनीतिक रूप से अहम मय्यून द्वीप पर कब्जा किया। इन दोनों स्थानों का लाल सागर के समुद्री मार्गों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
यमन में यह संघर्ष कब से जारी है?
यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में तब शुरू हुआ था जब हूती ने सना और उत्तरी यमन पर कब्जा किया। मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब एक दशक से अधिक समय से जारी है।
सना हमलों में कोई हताहत हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार, 4 अक्टूबर की देर रात हुए हवाई हमलों में अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हमलों में सटीक निशानों की स्वतंत्र पुष्टि भी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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