रियाद पर हूती हमले के दावे को सऊदी गठबंधन ने नकारा, बोला — 'काल्पनिक जीत' दिखाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले यमन गठबंधन ने 4 अक्टूबर 2026 को हूती समूह के उस दावे को सिरे से 'भ्रामक' करार दिया है, जिसमें हूती ने कहा था कि उसने रियाद में अरामको की एक सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सफल हमला किया। गठबंधन का कहना है कि यमन के मैदान पर भारी नुकसान उठाने के बाद हूती 'काल्पनिक जीत' का नैरेटिव गढ़ रहा है।
गठबंधन प्रवक्ता का बयान
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने शनिवार को अरबी अखबार 'अशर्क अल-अवसत' से बात करते हुए कहा कि यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत समेत कई मोर्चों पर हूती को जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दावों का असली मकसद अपनी कमज़ोरी, आंतरिक जनाक्रोश और बाहरी ताकतों के साथ अपने संबंधों से लोगों का ध्यान भटकाना है।
हूती का दावा क्या था
इससे पहले शनिवार को हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीराह टीवी पर जारी एक बयान में समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने दावा किया कि रियाद में अरामको की सुविधा पर हमला 'अपने मकसद में पूरी तरह सफल' रहा और निशाना बनाए गए ठिकानों पर आग लग गई। सारिया ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई सना और हूती के कब्जे वाले अन्य इलाकों पर उसी दिन हुए कथित सऊदी हवाई हमलों के जवाब में की गई।
24 घंटों में 60 हमलों का दावा
सारिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक अलग बयान में दावा किया कि पिछले 24 घंटों में यमन में 60 हवाई और मिसाइल हमले हुए, और हालिया तनाव बढ़ने के बाद से ऐसे हमलों की कुल संख्या 1,410 तक पहुँच गई है। उनके अनुसार ये हमले सना, सादा, ताइज, हज्जा और मारिब प्रांत में हुए और इनमें नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ज़मीन पर क्या हुआ
सना में शनिवार दोपहर एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की खबर आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि थोड़े समय में सात से अधिक विस्फोटों की आवाज सुनी गई। इस दौरान आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज भी सुनाई दी और अल-नहदैन तथा जबल अत्तान के पहाड़ी इलाकों — जो हूती के प्रमुख सैन्य ठिकाने माने जाते हैं — से धुआं उठता दिखाई दिया।
संघर्ष का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यमन गृहयुद्ध एक दशक से अधिक समय से जारी है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बावजूद स्थायी संघर्षविराम की कोशिशें बार-बार विफल हुई हैं। गौरतलब है कि हूती समूह पहले भी सऊदी बुनियादी ढाँचे पर हमलों के दावे करता रहा है, और प्रत्येक बार गठबंधन ने उन्हें अतिरंजित या निराधार बताया है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों को स्वतंत्र सत्यापन के बिना स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या यह तनाव और बढ़ता है या कूटनीतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश बनती है।