मदीना के पास मिसाइल इंटरसेप्ट का दावा, हूती सैन्य प्रवक्ता बोले — 'हमारा कोई ऑपरेशन नहीं था'
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी-नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने 15 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसने मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया — यह दावा उस वादे के सीधे विरुद्ध है जो हूती विद्रोहियों ने हाल ही में किया था कि वे इस्लाम के पवित्र नगरों मक्का और मदीना को निशाना नहीं बनाएँगे। गठबंधन के बयान के कुछ ही मिनटों बाद हूती सैन्य प्रवक्ता ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।
गठबंधन का दावा और आधिकारिक बयान
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल को रोका गया और नष्ट कर दिया गया।' सऊदी सरकारी मीडिया ने भी इस बयान को तत्काल प्रकाशित किया। गठबंधन ने स्पष्ट किया कि यह घटना उस प्रतिबद्धता के उलट है जो हूती ने सार्वजनिक तौर पर की थी।
हूती की सफाई और खंडन
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक्स पर लिखा, 'यमनी सशस्त्र बल इस बात की पुष्टि करता है कि उसने आज सऊदी क्षेत्र को निशाना बनाकर कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है। मदीना पर हमले के बारे में सऊदी दावे निंदनीय और सरासर झूठे हैं।' दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों के बीच स्वतंत्र सत्यापन अभी तक संभव नहीं हो सका है।
पृष्ठभूमि: रियाद एयरपोर्ट पर घातक हमले
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब अक्टूबर 2026 में हूती विद्रोहियों ने रियाद स्थित किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन और मिसाइलों से कई घातक हमले किए। 10 अक्टूबर 2026 के पहले बड़े हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 से अधिक लोग घायल हुए।
गौरतलब है कि 11 अक्टूबर को इलाज के दौरान एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई, जिससे इस हमले में मरने वालों की कुल संख्या 13 हो गई। इसके 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि उसी हवाई अड्डे पर दोबारा हमला हुआ, जिसमें 1 की मौत और 11 घायल हुए। सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया और कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की।
हूती का वादा और नया विरोधाभास
उक्त हवाई अड्डा हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए हूती ने स्पष्ट किया था कि आगामी दिनों में भी सऊदी हवाई अड्डों पर हमले जारी रहेंगे, किंतु पवित्र स्थल मक्का और मदीना उनके निशाने पर नहीं होंगे। मदीना मिसाइल इंटरसेप्ट का गठबंधन का दावा ठीक इसी वादे के विरुद्ध है, हालाँकि हूती इसे पूरी तरह नकार रहे हैं।
आगे क्या होगा
यमन में सऊदी-हूती संघर्ष का यह नया मोड़ न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि इस्लामी दुनिया में संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मदीना पर हमले की पुष्टि होती है तो यह संघर्ष एक नए और कहीं अधिक विस्फोटक चरण में प्रवेश कर सकता है।