रियाद पर हूती की दो बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी वायु रक्षा ने हवा में नष्ट किया
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर 8 नवंबर 2026 को एक बार फिर मिसाइल हमले का प्रयास किया गया, जब हूती विद्रोहियों ने शहर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने दोनों मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया। इसके साथ ही गठबंधन ने रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में दो क्रूज मिसाइलों को भी मार गिराने की जानकारी दी।
हमले का घटनाक्रम
रविवार को मिसाइलों की आशंका के बीच रियाद क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। राजधानी में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद अधिकारियों ने खतरा टल जाने की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में वित्तीय जिले को निशाना बनाए जाने और अरामको की एक इमारत को नुकसान पहुँचने की खबर है — हालाँकि इस नुकसान की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है। यह जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से दी गई है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच टकराव की जड़ें यमन के गृहयुद्ध से जुड़ी हैं। हूती आंदोलन ने 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा किया, जिसके बाद मार्च 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। हूती आंदोलन को कथित तौर पर ईरान का समर्थन प्राप्त है और यह संगठन यमन के उत्तरी हिस्से तथा राजधानी सना सहित देश के बड़े आबादी वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण रखता है।
हमलों की बढ़ती तीव्रता
फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा और गहरा हो गया। गौरतलब है कि पिछले एक महीने में हूती ने सऊदी अरब पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। 6 और 7 अक्टूबर 2026 के शुरुआती बड़े हमलों में एक नागरिक की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए। 8 अक्टूबर को हवाई अड्डे की सुविधाओं और वहाँ खड़े सऊदिया एयरलाइंस के एयरबस विमानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई।
10 अक्टूबर 2026 का हमला इस कड़ी का सबसे घातक साबित हुआ — मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और हमलों को तत्काल रोकने की माँग की।
हवाई अड्डे पर हमला और आगे की घटनाएँ
11 अक्टूबर को रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-4 को फिर से निशाना बनाया गया, जिसके बाद पैसेंजर हॉल में आग लग गई और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। 12 अक्टूबर को हूती ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें सऊदी सुरक्षा बलों ने हवा में नष्ट कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कूटनीतिक समाधान की संभावनाएँ सिमटती दिख रही हैं।