8 नवंबर 2026
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रियाद पर हूती की दो बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी वायु रक्षा ने हवा में नष्ट किया

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रियाद पर हूती की दो बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी वायु रक्षा ने हवा में नष्ट किया

सारांश

रियाद पर हूती की दो बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलें — सऊदी वायु रक्षा का दावा, सभी हवा में नष्ट। अक्टूबर 2026 में 12 मौतें और 300 से अधिक घायल वाले घातक हमलों के बाद यह क्षेत्रीय संघर्ष की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

8 नवंबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने रियाद की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें सऊदी वायु रक्षा ने बीच में रोककर नष्ट करने का दावा किया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद और दक्षिणी क्षेत्र में दो क्रूज मिसाइलों को भी मार गिराने की जानकारी दी।
वित्तीय जिले में अरामको की इमारत को नुकसान पहुँचने की खबर है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं आई है।
10 अक्टूबर 2026 के हमले में 12 मौतें और 300 से अधिक घायल हुए, जिनमें भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे।
भारत सरकार ने 10 अक्टूबर के हमले की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल हमले रोकने की माँग की थी।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर 8 नवंबर 2026 को एक बार फिर मिसाइल हमले का प्रयास किया गया, जब हूती विद्रोहियों ने शहर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने दोनों मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया। इसके साथ ही गठबंधन ने रियाद और सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में दो क्रूज मिसाइलों को भी मार गिराने की जानकारी दी।

हमले का घटनाक्रम

रविवार को मिसाइलों की आशंका के बीच रियाद क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। राजधानी में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद अधिकारियों ने खतरा टल जाने की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में वित्तीय जिले को निशाना बनाए जाने और अरामको की एक इमारत को नुकसान पहुँचने की खबर है — हालाँकि इस नुकसान की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है। यह जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से दी गई है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच टकराव की जड़ें यमन के गृहयुद्ध से जुड़ी हैं। हूती आंदोलन ने 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा किया, जिसके बाद मार्च 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। हूती आंदोलन को कथित तौर पर ईरान का समर्थन प्राप्त है और यह संगठन यमन के उत्तरी हिस्से तथा राजधानी सना सहित देश के बड़े आबादी वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण रखता है।

हमलों की बढ़ती तीव्रता

फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा और गहरा हो गया। गौरतलब है कि पिछले एक महीने में हूती ने सऊदी अरब पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। 6 और 7 अक्टूबर 2026 के शुरुआती बड़े हमलों में एक नागरिक की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए। 8 अक्टूबर को हवाई अड्डे की सुविधाओं और वहाँ खड़े सऊदिया एयरलाइंस के एयरबस विमानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई।

10 अक्टूबर 2026 का हमला इस कड़ी का सबसे घातक साबित हुआ — मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और हमलों को तत्काल रोकने की माँग की।

हवाई अड्डे पर हमला और आगे की घटनाएँ

11 अक्टूबर को रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-4 को फिर से निशाना बनाया गया, जिसके बाद पैसेंजर हॉल में आग लग गई और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई। 12 अक्टूबर को हूती ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें सऊदी सुरक्षा बलों ने हवा में नष्ट कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कूटनीतिक समाधान की संभावनाएँ सिमटती दिख रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हूती हमलों की लय और पैमाने में कोई कमी नहीं आई है। अक्टूबर में एक ही महीने में 12 मौतें और 300 से अधिक घायल — यह आँकड़ा किसी 'सफल अवरोधन' की कहानी से परे जाता है। असली सवाल यह है कि क्षेत्रीय शक्तियाँ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को सिर्फ सैन्य तरीके से देख रहे हैं, जबकि नागरिक जानमाल का नुकसान बढ़ता जा रहा है। भारतीय नागरिकों की मौत के बावजूद यह संकट भारतीय मीडिया में उतनी प्राथमिकता नहीं पाता, जितनी इसे मिलनी चाहिए।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रियाद पर हूती मिसाइल हमला कब हुआ और क्या हुआ?
8 नवंबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि वायु रक्षा प्रणाली ने दोनों मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
अरामको की इमारत को नुकसान हुआ या नहीं?
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से रियाद के वित्तीय जिले में अरामको की इमारत को नुकसान पहुँचने की खबर है। हालाँकि इस दावे की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, इसलिए इसे सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं लिया जा सकता।
हूती विद्रोही कौन हैं और सऊदी अरब से उनका संघर्ष क्यों है?
हूती आंदोलन ने 2014 में यमन की राजधानी सना पर कब्जा किया था, जिसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। हूती को कथित तौर पर ईरान का समर्थन प्राप्त है और यह संगठन यमन के उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण रखता है।
अक्टूबर 2026 में सऊदी अरब पर कितने हमले हुए और कितने लोग मारे गए?
अक्टूबर 2026 में हूती ने सऊदी अरब पर कई बड़े हमले किए। 10 अक्टूबर का हमला सबसे घातक रहा, जिसमें 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हुए। मृतकों में भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे।
भारत ने सऊदी अरब पर हूती हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत सरकार ने 10 अक्टूबर 2026 के हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया, क्योंकि उस हमले में भारतीय नागरिकों की जान गई थी। भारत ने हमलों को तत्काल रोकने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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