17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हूती विद्रोहियों का अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, सऊदी अरब ने 4 ड्रोन और 3 मिसाइलें मार गिराईं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हूती विद्रोहियों का अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, सऊदी अरब ने 4 ड्रोन और 3 मिसाइलें मार गिराईं

सारांश

यमन में हूती विद्रोहियों ने 17 अक्टूबर को अदन एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं — राष्ट्रपति महल पर हमले के ठीक एक दिन बाद। सऊदी अरब ने 4 ड्रोन और 3 मिसाइलें मार गिराने का दावा किया। रियाद एयरपोर्ट पर दो हफ्तों में 20 हमले, 17 मौतें — संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुँच रहा है।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने 17 अक्टूबर 2026 को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कम से कम 2 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; शुरुआती रिपोर्टों में कोई हताहत नहीं।
एक तीसरी मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका इलाके में सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन के सैन्य अड्डे पर गिरी।
सऊदी गठबंधन ने रियाद और दक्षिणी क्षेत्र के ऊपर 4 ड्रोन और लाल सागर व यानबू की ओर आ रही 3 मिसाइलें नष्ट कीं।
1 अक्टूबर से रियाद किंग खालिद हवाई अड्डे पर हमलों में 17 मौतें , 330 से अधिक घायल ; दो हफ्तों में 20 हमले ।
यह हमला अल-माशिक राष्ट्रपति महल पर हुए हमले के एक दिन बाद आया, जिसमें 5 लोगों की मौत और 16 घायल थे।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने सऊदी-हूती मध्यस्थता की पेशकश की, लेकिन हूती अभियानों में अपनी भूमिका से इनकार किया।

यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में हूती विद्रोहियों ने 17 अक्टूबर 2026 को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। अदन सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, कम से कम दो मिसाइलें हवाई अड्डे के परिसर के भीतर गिरीं, जबकि एक तीसरी मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका इलाके में सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के मुख्यालय के निकट एक सैन्य अड्डे पर लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

हमले के दौरान शहर में तीन जोरदार धमाके सुनाई दिए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, हमले के बाद कई एम्बुलेंस प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना होती देखी गईं।

हूती समूह के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी ने समूह के एक सैन्य नेता के हवाले से दावा किया कि उनका वास्तविक निशाना अदन एयरपोर्ट के समीप स्थित बद्र सैन्य शिविर में सऊदी सेना का मुख्यालय और हथियार भंडार था।

एक दिन पहले हुए हमले से जुड़ाव

यह हमला उस घटना के ठीक एक दिन बाद हुआ, जब अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल परिसर पर मिसाइल हमला किया गया था। यमन सरकार के अनुसार, उस हमले में 5 लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे। हूती समूह ने उस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उसने राष्ट्रपति महल परिसर के भीतर मौजूद 'सऊदी सैन्य अभियान मुख्यालय' को निशाना बनाया था।

गौरतलब है कि अदन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का अस्थायी मुख्यालय है, जिसके कारण यह शहर हूतियों के लिए प्रतीकात्मक और सामरिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है।

सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई

सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि उनकी सेना ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र और राजधानी रियाद के ऊपर उड़ रहे तीन ड्रोन मार गिराए तथा पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए एक अतिरिक्त ड्रोन को भी नष्ट किया।

इसके अलावा, सेना ने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलें और बंदरगाह शहर यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी बीच में ही ध्वस्त कर दिया।

बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ

गठबंधन सेना ने गुरुवार को बताया कि 1 अक्टूबर से अब तक रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हूती हमलों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 330 से अधिक लोग घायल हुए हैं। महज दो हफ्तों में इस एयरपोर्ट पर 20 बार हमले किए गए।

यह ऐसे समय में आया है जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष का सिलसिला उल्लेखनीय रूप से तेज हो गया है। सऊदी अरब यमन सरकार का प्रमुख सैन्य सहयोगी है।

ईरान की भूमिका और मध्यस्थता की पेशकश

ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो ईरान, सऊदी अरब और हूती समूह के बीच मतभेद सुलझाने में सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज किया कि हूती सैन्य अभियानों में तेहरान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका है।

यमन 2014 के अंत से इस संघर्ष की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद यमनी सरकार को राजधानी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा और ताज़ा हमले इस बात के संकेत हैं कि स्थिति और विकट होती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2014 से चले आ रहे इस संघर्ष में एक नया और खतरनाक मोड़ है। दो हफ्तों में रियाद के हवाई अड्डे पर 20 हमले और 17 मौतें बताती हैं कि युद्धविराम की कोई भी संभावना फिलहाल धरातल पर नहीं है। ईरान की मध्यस्थता की पेशकश कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन तेहरान का हूतियों से संबंध और उसका 'कोई भूमिका नहीं' का दावा एक साथ विश्वसनीय नहीं लगता। भारत सहित उन देशों के लिए जिनके नागरिक खाड़ी में कार्यरत हैं, इस संघर्ष का विस्तार सीधे तौर पर प्रासंगिक है और इस पर पर्याप्त ध्यान देने की जरूरत है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूतियों ने अदन एयरपोर्ट पर हमला क्यों किया?
हूती समूह ने कहा कि उनका निशाना एयरपोर्ट के पास स्थित बद्र सैन्य शिविर में सऊदी सेना का मुख्यालय और हथियार भंडार था। अदन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का अस्थायी मुख्यालय भी है, जिससे यह हूतियों के लिए प्रमुख सामरिक लक्ष्य बना हुआ है।
अदन एयरपोर्ट हमले में कितने लोग हताहत हुए?
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अदन एयरपोर्ट पर 17 अक्टूबर के इस हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली है। हालाँकि हमले के बाद कई एम्बुलेंस प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाती देखी गईं।
सऊदी अरब ने हूती हमलों के जवाब में क्या किया?
सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि उनकी सेना ने रियाद और दक्षिणी क्षेत्र के ऊपर 4 ड्रोन मार गिराए, लाल सागर पर 2 क्रूज मिसाइलें और यानबू की ओर आ रही 1 बैलिस्टिक मिसाइल को भी नष्ट किया।
हाल के हफ्तों में हूती हमलों का कुल असर क्या रहा है?
गठबंधन सेना के अनुसार, 1 अक्टूबर से रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमलों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 330 से अधिक घायल हुए हैं। महज दो हफ्तों में इस एयरपोर्ट पर 20 बार हमला किया गया।
यमन संघर्ष में ईरान की क्या भूमिका है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान सऊदी अरब और हूती समूह के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने हूती अभियानों में तेहरान की किसी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया। पश्चिमी देश और सऊदी अरब कथित तौर पर ईरान पर हूतियों को हथियार और समर्थन देने का आरोप लगाते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले