हूती विद्रोहियों का अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, सऊदी अरब ने 4 ड्रोन और 3 मिसाइलें मार गिराईं
सारांश
मुख्य बातें
यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में हूती विद्रोहियों ने 17 अक्टूबर 2026 को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। अदन सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, कम से कम दो मिसाइलें हवाई अड्डे के परिसर के भीतर गिरीं, जबकि एक तीसरी मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका इलाके में सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के मुख्यालय के निकट एक सैन्य अड्डे पर लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
हमले के दौरान शहर में तीन जोरदार धमाके सुनाई दिए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, हमले के बाद कई एम्बुलेंस प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना होती देखी गईं।
हूती समूह के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी ने समूह के एक सैन्य नेता के हवाले से दावा किया कि उनका वास्तविक निशाना अदन एयरपोर्ट के समीप स्थित बद्र सैन्य शिविर में सऊदी सेना का मुख्यालय और हथियार भंडार था।
एक दिन पहले हुए हमले से जुड़ाव
यह हमला उस घटना के ठीक एक दिन बाद हुआ, जब अदन स्थित अल-माशिक राष्ट्रपति महल परिसर पर मिसाइल हमला किया गया था। यमन सरकार के अनुसार, उस हमले में 5 लोगों की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे। हूती समूह ने उस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उसने राष्ट्रपति महल परिसर के भीतर मौजूद 'सऊदी सैन्य अभियान मुख्यालय' को निशाना बनाया था।
गौरतलब है कि अदन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का अस्थायी मुख्यालय है, जिसके कारण यह शहर हूतियों के लिए प्रतीकात्मक और सामरिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण लक्ष्य बना हुआ है।
सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई
सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि उनकी सेना ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र और राजधानी रियाद के ऊपर उड़ रहे तीन ड्रोन मार गिराए तथा पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए एक अतिरिक्त ड्रोन को भी नष्ट किया।
इसके अलावा, सेना ने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलें और बंदरगाह शहर यानबू की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी बीच में ही ध्वस्त कर दिया।
बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ
गठबंधन सेना ने गुरुवार को बताया कि 1 अक्टूबर से अब तक रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हूती हमलों में 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 330 से अधिक लोग घायल हुए हैं। महज दो हफ्तों में इस एयरपोर्ट पर 20 बार हमले किए गए।
यह ऐसे समय में आया है जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष का सिलसिला उल्लेखनीय रूप से तेज हो गया है। सऊदी अरब यमन सरकार का प्रमुख सैन्य सहयोगी है।
ईरान की भूमिका और मध्यस्थता की पेशकश
ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि यदि दोनों पक्ष चाहें तो ईरान, सऊदी अरब और हूती समूह के बीच मतभेद सुलझाने में सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज किया कि हूती सैन्य अभियानों में तेहरान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका है।
यमन 2014 के अंत से इस संघर्ष की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद यमनी सरकार को राजधानी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा और ताज़ा हमले इस बात के संकेत हैं कि स्थिति और विकट होती जा रही है।