8 नवंबर 2026
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राजनाथ सिंह ने सिक्किम के शेराथांग में शहीदों को किया नमन, बोले — 'जवानों के कारण दीपावली के दीये और रोशन लगते हैं'

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राजनाथ सिंह ने सिक्किम के शेराथांग में शहीदों को किया नमन, बोले — 'जवानों के कारण दीपावली के दीये और रोशन लगते हैं'

सारांश

दीपावली पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पहुँचे — शहीदों को नमन किया और जवानों को 'देश का दीया' कहा। उनका संदेश साफ था: सीमा पर जो चौकस रहते हैं, उन्हीं की बदौलत देश में दीपावली रोशन है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली पर सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने सैनिकों की उपमा 'दीये' से दी — कहा, उनकी रोशनी देश के हर घर तक पहुँचती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अनुशासन और साहस जवान की सबसे बड़ी ताकत है; तकनीक इनके बिना बेकार है।
शेराथांग में स्थानीय नागरिकों के सेना के प्रति स्नेह को बनाए रखने की जिम्मेदारी जवानों पर बताई।
उन्होंने शेराथांग वार मेमोरियल को भावी पीढ़ियों के लिए शौर्य की स्थायी प्रेरणा बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के पर्व पर सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पहुँचकर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान के कारण ही देशवासी घरों में दीप जला पाते हैं।

शहीदों को श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री ने शेराथांग वार मेमोरियल पर नतमस्तक होते हुए कहा, 'मैं उन शहीदों को नमन करता हूँ, जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दे दिया। आज हम अपने घरों में जो दीपावली के दीप जला पा रहे हैं, उसके पीछे हमारे वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा की है।' उन्होंने शहीदों के परिजनों को भी दीपावली की शुभकामनाएँ दीं।

जवानों की उपमा 'दीये' से

राजनाथ सिंह ने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा, 'जब मैं यहाँ शेराथांग में खड़ा हूँ, तो मुझे लगता है कि आप सब एक-एक दीये के समान हैं। आपकी रोशनी सिर्फ इस चौकी तक सीमित नहीं है — आपकी रोशनी देश के हर घर तक पहुँच रही है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चाहे तकनीक कितनी भी आधुनिक हो, यदि जवान में अनुशासन और साहस नहीं है, तो तकनीक बेकार है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में आम नागरिकों का सेना के प्रति गहरा स्नेह है और उस स्नेह को बनाए रखना भी जवानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों के व्यवहार, वर्दी, भाषा और संयम को सेना की सकारात्मक छवि का आधार बताया।

दीपावली और सैनिक जीवन का संदेश

राजनाथ सिंह ने कहा, 'जिस प्रकार दीपावली का दीया बिना शोर किए अंधेरे से लड़ता है, आपका जीवन भी ऐसा ही है। आप शोर नहीं करते, लेकिन अपनी उपस्थिति से पूरे देश को सुरक्षा का भरोसा देते हैं। जब देश त्योहार मनाता है, तब भी आप सीमाओं पर चौकस रहते हैं। आपके कारण देश के नागरिक चैन से सोते हैं — आपके कारण दीपावली के दीये और भी रोशन लगते हैं।'

युद्ध स्मारकों का ऐतिहासिक महत्व

रक्षा मंत्री ने शेराथांग वार मेमोरियल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में ऐसे स्मारकों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। उन्होंने कहा, 'इस वार मेमोरियल ने हमारे जवानों की बहादुरी को इतिहास में हमेशा के लिए अंकित कर दिया है। चाहे कितनी भी पीढ़ियाँ चली जाएँ, जब तक यह स्थल रहेगा, यह इस क्षेत्र के लोगों को हमारे जवानों के शौर्य से परिचित कराता रहेगा और उन्हें प्रेरणा देता रहेगा।'

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता की दृष्टि से सिक्किम सेक्टर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है। रक्षा मंत्री की इस यात्रा को सरकार के सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान और मनोबल को ऊँचा रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह यात्रा कूटनीतिक संकेत भी देती है। हालाँकि मनोबल बढ़ाने वाले ऐसे दौरे ज़रूरी हैं, मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल नहीं उठाती कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के बुनियादी ढाँचे, बीमा और परिवार-कल्याण के वादे किस हद तक पूरे हुए। भाषण प्रेरणादायक है, लेकिन जवाबदेही की कसौटी नीति में दिखनी चाहिए, सिर्फ शब्दों में नहीं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने दीपावली पर शेराथांग युद्ध स्मारक का दौरा क्यों किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने और सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए यह दौरा किया। यह यात्रा सरकार की उस परंपरा का हिस्सा है जिसमें रक्षा मंत्री राष्ट्रीय पर्वों पर सशस्त्र बलों के साथ समय बिताते हैं।
शेराथांग युद्ध स्मारक कहाँ है और इसका क्या महत्व है?
शेराथांग युद्ध स्मारक सिक्किम में स्थित है और उन सैनिकों की स्मृति को समर्पित है जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। रक्षा मंत्री के अनुसार, ऐसे स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सैनिकों के शौर्य से परिचित कराते हैं और उन्हें प्रेरणा देते हैं।
राजनाथ सिंह ने जवानों को क्या संदेश दिया?
राजनाथ सिंह ने जवानों की उपमा दीपावली के दीये से दी और कहा कि उनकी रोशनी देश के हर घर तक पहुँचती है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन और साहस जवान की सबसे बड़ी ताकत है और तकनीक इनके बिना अपूर्ण है।
रक्षा मंत्री ने स्थानीय जनता और सेना के रिश्ते पर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने कहा कि शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों का सेना के प्रति गहरा स्नेह है। उन्होंने जवानों से आग्रह किया कि उनके व्यवहार, वर्दी, भाषा और संयम के ज़रिए इस स्नेह को बनाए रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।
क्या रक्षा मंत्री के इस दौरे का कोई रणनीतिक संदर्भ है?
सिक्किम सेक्टर भारत-चीन सीमा के करीब होने के कारण सामरिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। रक्षा मंत्री की इस यात्रा को सशस्त्र बलों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ तैनाती की परिस्थितियाँ कठिन हैं।
राष्ट्र प्रेस
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