नाग पंचमी पर राजनाथ सिंह, गडकरी, सिंधिया समेत दर्जनों नेताओं ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
नाग पंचमी के पावन पर्व पर सोमवार, 17 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं अर्पित कीं। नेताओं ने इस अवसर को प्रकृति-संरक्षण, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए अपने संदेश साझा किए।
राजनाथ सिंह का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में प्रकृति के प्रति श्रद्धा, समस्त जीव-जगत के प्रति करुणा और सह-अस्तित्व का भाव सदैव निहित रहा है। उन्होंने कहा, 'नाग पंचमी इसी शाश्वत जीवन-दृष्टि का पावन पर्व है, जो हमें प्रकृति के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और प्रत्येक जीव के सम्मान का संदेश देता है।'
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रियाएं
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'नाग पंचमी पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महादेव और नाग देवता सभी को उत्तम स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि प्रदान करें।'
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपने संदेश में कहा, 'समस्त श्रद्धालुओं को पावन पर्व नाग पंचमी की हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव के आशीर्वाद से यह पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सौभाग्य का संचार करे।' उन्होंने भक्ति, आस्था और परंपरा से जुड़े इस उत्सव पर परिवारजनों के जीवन में मंगल की कामना की।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर लिखा, 'नाग पंचमी के इस पावन पर्व पर समस्त देशवासियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान नागचंद्रेश्वर की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।'
उत्तर प्रदेश के नेताओं के संदेश
उत्तर प्रदेश भाजपा (BJP) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा कि भगवान शिव के आभूषण नाग देवता की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो तथा हर प्रकार के भय, संकट एवं बाधाओं का नाश हो।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर कहा, 'प्रकृति, जीव और ईश्वर के अटूट संबंध के पावन पर्व नागपंचमी की आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का दिव्य संदेश देता है।'
पर्व का महत्व
नाग पंचमी हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व नाग देवता की पूजा-अर्चना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। गौरतलब है कि इस वर्ष यह पर्व 17 अगस्त को पड़ा, जिस पर देशभर के राजनेताओं ने एकजुट होकर सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।