16 जुलाई 2026
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जगन्नाथ रथयात्रा पर PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, बताया भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक

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जगन्नाथ रथयात्रा पर PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, बताया भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक

सारांश

जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर PM मोदी ने एक्स पर संदेश साझा कर इसे भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को जगन्नाथ रथयात्रा पर एक्स के ज़रिए देशभर के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने रथयात्रा को भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति बताया।
उन्होंने 'संस्कृति सुभाषितम्' के अंतर्गत संस्कृत श्लोक 'देवदेव जगन्नाथ...' भी साझा किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'जय जगन्नाथ' के साथ सुख-समृद्धि की कामना की।
गृह मंत्री अमित शाह ने रथयात्रा को अटूट आस्था और भक्ति का प्रतीक बताते हुए महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र व माता सुभद्रा से सभी के कल्याण की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को श्री जगन्नाथ जी की पावन रथयात्रा के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इस उत्सव को भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कामना की कि महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी देशवासियों पर सदैव बना रहे और उनकी दिव्य कृपा से जन-जन के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।

PM मोदी का एक्स पर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पवित्र रथयात्रा के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक अनूठी अभिव्यक्ति है। रथयात्रा से जुड़ी परंपराओं ने भारत और दुनिया भर में कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। ये परंपराएं विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं।' उन्होंने प्रार्थना की कि महाप्रभु जगन्नाथ सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद दें तथा समाज में एकजुटता की भावना को और सुदृढ़ करें।

संस्कृत श्लोक और 'संस्कृति सुभाषितम्'

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, 'महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर मेरी कामना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे। उनकी दिव्य कृपा से सभी देशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार हो।' इस अवसर पर उन्होंने 'संस्कृति सुभाषितम्' भी साझा किया — 'देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत। पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तु ते।' इस श्लोक का भावार्थ है कि देवताओं के भी देव, अविनाशी और अनंत भगवान जगन्नाथ को बार-बार नमस्कार है, जो समस्त प्राणियों के हृदय में विराजमान परमात्मा हैं।

रक्षा मंत्री और गृह मंत्री की शुभकामनाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रथयात्रा के शुभारंभ पर श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'श्री जगन्नाथ जी की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। जय जगन्नाथ।' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पोस्ट किया, 'समस्त देशवासियों को श्री जगन्नाथ रथयात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं। विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा अटूट आस्था, विश्वास और भक्ति का प्रतीक है।' उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्रमाता सुभद्रा से सभी की सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

रथयात्रा का महत्व और वैश्विक पहचान

जगन्नाथ रथयात्रा ओडिशा के पुरी में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला विश्वप्रसिद्ध धार्मिक उत्सव है, जो सदियों से भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा है। यह आयोजन न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करता है और विनम्रता, सेवा तथा सामूहिक भागीदारी के मूल्यों को जीवंत रखता है। गौरतलब है कि इस वर्ष भी देश के शीर्ष नेतृत्व ने एकस्वर से इस पर्व की महत्ता को रेखांकित किया है, जो भारत की साझा सांस्कृतिक चेतना को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रक्षा मंत्री और गृह मंत्री — तीनों का एक साथ एक्स पर संदेश देना महज़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सांस्कृतिक संवाद है जो सत्तारूढ़ दल की 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की रणनीति से मेल खाता है। मोदी का 'संस्कृति सुभाषितम्' जैसे संस्कृत श्लोकों को सोशल मीडिया पर साझा करना एक ऐसी परंपरा बन चुकी है जो धार्मिक अवसरों को डिजिटल सॉफ्ट पावर में बदलती है। यह ध्यान देने योग्य है कि इस वर्ष की शुभकामनाओं में 'एकजुटता' और 'निस्वार्थ सेवा' जैसे शब्दों पर विशेष ज़ोर दिया गया — जो सामाजिक सौहार्द के व्यापक राजनीतिक संदर्भ में भी पढ़े जा सकते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथयात्रा 2025 पर PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने 16 जुलाई को एक्स पर लिखा कि रथयात्रा भारत की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अनूठी अभिव्यक्ति है। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ से सभी के उत्तम स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।
जगन्नाथ रथयात्रा क्या है और यह क्यों मनाई जाती है?
जगन्नाथ रथयात्रा ओडिशा के पुरी में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला विश्वप्रसिद्ध हिंदू धार्मिक उत्सव है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर सवार कर नगर भ्रमण कराया जाता है। यह विनम्रता, सामूहिक भागीदारी और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।
PM मोदी ने 'संस्कृति सुभाषितम्' में कौन-सा श्लोक साझा किया?
PM मोदी ने 'देवदेव जगन्नाथ सुरासुरनमस्कृत। पुण्यश्लोकाव्ययानन्त परमात्मन्नमोऽस्तु ते।' श्लोक साझा किया। इसका भावार्थ है कि देवताओं के भी देव, अविनाशी और अनंत भगवान जगन्नाथ को बार-बार नमस्कार है।
रथयात्रा पर अमित शाह और राजनाथ सिंह ने क्या संदेश दिया?
गृह मंत्री अमित शाह ने रथयात्रा को अटूट आस्था और भक्ति का प्रतीक बताते हुए महाप्रभु जगन्नाथ, वीर बलभद्र व माता सुभद्रा से सभी के कल्याण की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'जय जगन्नाथ' के साथ सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
जगन्नाथ रथयात्रा का वैश्विक महत्व क्या है?
जगन्नाथ रथयात्रा केवल भारत में नहीं, बल्कि विश्वभर में लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। PM मोदी के अनुसार, इससे जुड़ी परंपराओं ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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