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अमरनाथ यात्रा 2025 शुभारंभ पर PM मोदी ने दी शिवभक्तों को शुभकामनाएं, साझा किया संस्कृत श्लोक

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अमरनाथ यात्रा 2025 शुभारंभ पर PM मोदी ने दी शिवभक्तों को शुभकामनाएं, साझा किया संस्कृत श्लोक

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने 3 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर भगवान अमरनाथ को समर्पित संस्कृत श्लोक साझा किया — जो उनकी लगातार तीन दिनों की सुभाषित श्रृंखला का हिस्सा है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2025 को एक्स पर श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने भगवान अमरनाथ को समर्पित संस्कृत श्लोक 'वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः...' साझा किया।
2 जुलाई को उन्होंने निरंतर प्रयास पर वैदिक श्लोक, और 1 जुलाई को डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पर विज्ञान-केंद्रित श्लोक पोस्ट किया था।
अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित गुफा मंदिर तक की वार्षिक तीर्थयात्रा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2025 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर समस्त शिवभक्तों को श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यात्रियों के सुखमय, सुरक्षित और फलदायी दर्शन की कामना करते हुए एक भावपूर्ण संस्कृत श्लोक भी साझा किया।

प्रधानमंत्री का संदेश

मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'समस्त शिवभक्तों को पावन-पुनीत श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की अनंत शुभकामनाएं! बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। जय बाबा बर्फानी!'

इसके साथ उन्होंने एक संस्कृत श्लोक — 'वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः, शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्। तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां, नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥' — भी साझा किया।

इस श्लोक का भाव है कि जिन भगवान के स्वरूप को वाणी, बुद्धि, चित्त और इंद्रियों से — यहाँ तक कि कठोर तपस्याओं से भी — नहीं जाना जा सकता, जो केवल भक्तिभाव से सहज प्राप्त होते हैं और नतमस्तक भक्तों के आश्रय हैं, उन दयालु भगवान अमरनाथ की मैं नित्य आराधना करता हूँ।

पिछले दिनों के सुभाषित

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार एक्स पर प्रेरणादायक सुभाषित और श्लोक साझा कर रहे हैं। 2 जुलाई को उन्होंने निरंतर प्रयास के महत्व पर एक पोस्ट में लिखा था, 'निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। जीवन में वही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, जो धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहता है।' साथ में उन्होंने वैदिक श्लोक 'नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम...' भी साझा किया था, जिसका भाव है कि निरंतर प्रयत्नशील व्यक्ति ही समृद्धि प्राप्त करता है।

1 जुलाई को मोदी ने डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पूरे होने पर पोस्ट किया था कि इस यात्रा ने भारत को विश्वभर में एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने श्लोक 'विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः...' के माध्यम से यह संदेश दिया कि विवेकशील बुद्धि और संयमित मन वाला व्यक्ति जीवन की जटिलताओं को पार कर परम लक्ष्य तक पहुँचता है।

अमरनाथ यात्रा का महत्व

श्री अमरनाथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र और कठिन तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है। जम्मू-कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रतिवर्ष यहाँ पहुँचते हैं। यह यात्रा सुरक्षा और आस्था दोनों दृष्टियों से राष्ट्रीय महत्व रखती है।

आगे क्या

यात्रा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन और सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं ने यात्रा के शुभारंभ को और भी विशेष बना दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस तरह के संदेशों के साथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढाँचे पर ठोस जानकारी की भी उतनी ही ज़रूरत है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने 3 जुलाई 2025 को एक्स पर पोस्ट कर सभी शिवभक्तों को अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि यह यात्रा सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
मोदी ने अमरनाथ यात्रा पर कौन-सा श्लोक साझा किया?
मोदी ने 'वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः...' श्लोक साझा किया, जिसका भाव है कि भगवान अमरनाथ को भक्तिभाव से ही जाना जा सकता है — वाणी, बुद्धि या तपस्या से नहीं।
श्री अमरनाथ यात्रा क्या है और यह कहाँ होती है?
श्री अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर तक की वार्षिक तीर्थयात्रा है, जहाँ प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन होते हैं। यह भारत की सबसे पवित्र और कठिन तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।
मोदी ने हाल के दिनों में और कौन-से सुभाषित साझा किए?
2 जुलाई को मोदी ने निरंतर प्रयास पर वैदिक श्लोक साझा किया था, और 1 जुलाई को डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विज्ञान और विवेक पर आधारित श्लोक पोस्ट किया था।
अमरनाथ यात्रा 2025 कब शुरू हुई?
प्रधानमंत्री मोदी की 3 जुलाई 2025 की पोस्ट के अनुसार, श्री अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ इसी दिन हुआ। यात्रा की सटीक समाप्ति तिथि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा निर्धारित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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