अमरनाथ यात्रा 2025: PM मोदी ने श्रद्धालुओं को पत्र लिखकर पाँच संकल्पों का किया आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जुलाई 2025 को अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर देशभर के श्रद्धालुओं को एक विशेष पत्र लिखकर हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित यात्रा के लिए पाँच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने इस यात्रा को भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक बताया।
पत्र में क्या लिखा प्रधानमंत्री ने
मोदी ने अपने पत्र में लिखा, 'प्रिय श्रद्धालु, हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी!' उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ धाम की यात्रा में सम्मिलित होना प्रत्येक शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम आरंभ होता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु इस पावन यात्रा में भाग लेने के लिए उत्सुक रहते हैं।
मोदी ने इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि बाबा अमरनाथ के दर्शन लाखों श्रद्धालुओं के जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होते हैं और यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का उत्सव भी है।
सुरक्षा एजेंसियों और सेवाकर्मियों का अभिनंदन
प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ और एनडीआरएफ के साथ-साथ चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और सेवा में जुटे स्वयंसेवकों का विशेष अभिनंदन किया।
मोदी ने जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की आतिथ्य परंपरा की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान स्थानीय लोग श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आए श्रद्धालु भंडारों और लंगरों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश करते हैं। यह भावना भारतीय संस्कृति के 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श को साकार करती है।
पाँच संकल्प — श्रद्धालुओं से आग्रह
प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से निम्नलिखित पाँच संकल्प लेने का आग्रह किया:
पहला — यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें। दूसरा — प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। तीसरा — बारिश और ठंड से सावधान रहें। चौथा — 'वोकल फॉर लोकल' के तहत यात्रा के खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीद पर व्यय करें, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को मजबूती मिले। पाँचवाँ — रक्षाबंधन पर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाएं।
राष्ट्र प्रथम और विकसित भारत का आह्वान
मोदी ने श्रद्धालुओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है और प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना का भव्य उत्सव बनेगी। उन्होंने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और मंगलमय होने तथा उनके जीवन में नई ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति के संचार की प्रार्थना की।