वंदे मातरम विवाद: सीपीएम महासचिव एमए बेबी का राजीव चंद्रशेखर पर पलटवार, भाजपा-आरएसएस पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने केरल वंदे मातरम विवाद पर राज्य सरकार का खुलकर बचाव किया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता संग्राम की विरासत है, जबकि भाजपा-आरएसएस के नेताओं ने कभी भी ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध आज़ादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया।
विवाद की पृष्ठभूमि
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया था कि राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार को मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी नियंत्रित करती हैं, और इसीलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' पूरा नहीं गाया गया। इस आरोप के जवाब में सीपीएम नेता एमए बेबी ने सोमवार को अपनी बात रखी।
एमए बेबी का पलटवार
बेबी ने कहा, "वंदे मातरम को लेकर हुए इस विवाद में सबसे अहम बात भाजपा का चालाकी भरा सांप्रदायिक एजेंडा है। आरएसएस अभी भी भाजपा को कंट्रोल करता है, लेकिन आज़ादी की लड़ाई के समय भाजपा नहीं थी। जनसंघ भी बाद में बना था। तब सिर्फ हिंदू महासभा और आरएसएस थे।" उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी संगठनों — चाहे वह आरएसएस हो, हिंदू महासभा हो या बाद में जनसंघ — के नेताओं ने कभी भी ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया।
बेबी ने 'वंदे मातरम' के ऐतिहासिक संदर्भ को स्पष्ट करते हुए कहा, "'वंदे मातरम' आज़ादी की लड़ाई की ही देन है। बंगाल में अंग्रेज-विरोधी संघर्ष में संन्यासियों ने भी हिस्सा लिया था। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास 'आनंदमठ' उसी आंदोलन पर आधारित है जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ था, और 'वंदे मातरम' उसी का हिस्सा है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गीत में कुछ ऐसे अंश हैं जहाँ हिंदू देवी-देवताओं का स्पष्ट उल्लेख है।
भाजपा पर सांप्रदायिक एजेंडे का आरोप
बेबी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस भारतीय समाज में विवाद और बंटवारा पैदा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए 'वंदे मातरम' को लेकर इन संगठनों का नजरिया स्वीकार्य नहीं है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोहों को लेकर राष्ट्रीय प्रतीकों की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है।
झारखंड और बंगाल पर टिप्पणी
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर बेबी ने कहा कि वे चाहते हैं कि झारखंड सरकार जिम्मेदारी से काम करे और आंदोलनकारी छात्रों की जायज माँगें सुने। उन्होंने उम्मीद जताई कि उस दिन होने वाली वार्ता सफल होगी।
पश्चिम बंगाल में सीजेपी (CJP) कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले का उल्लेख करते हुए बेबी ने कहा कि सीजेपी की राज्य इकाई ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सामग्री और सुविधाओं की कमी का पता लगाने के लिए एक सर्वे और ऑडिट शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में सीजेपी के एक कार्यकर्ता के घर पर भाजपा समर्थकों ने हमला किया और सीजेपी नेता के पिता की हत्या कर दी गई। परिवार के सदस्यों ने भी यही बयान दिया है।
बेबी ने कहा कि सरकार चलाते हुए चुनाव और परीक्षाएँ सुचारु रूप से कराने की जिम्मेदारी में भाजपा पूरी तरह नाकाम रही है, और जो लोग भाजपा सरकारों की गलतियों पर सवाल उठाते हैं — चाहे केंद्र में हो या बंगाल में — उन पर हमले होते हैं।
आगे की राजनीतिक दिशा
यह विवाद संकेत देता है कि केरल और बंगाल दोनों राज्यों में भाजपा और वामपंथी दलों के बीच राष्ट्रीय प्रतीकों, शैक्षणिक अधिकारों और राजनीतिक हिंसा को लेकर टकराव तेज हो सकता है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसदीय बहस और जन-आंदोलन दोनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।