वंदे मातरम विवाद: सीपीएम महासचिव एमए बेबी का राजीव चंद्रशेखर पर पलटवार, BJP-RSS पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने केरल के वंदे मातरम विवाद पर राज्य सरकार का पुरज़ोर बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सांप्रदायिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम की विरासत है, जबकि BJP-RSS के पूर्वज संगठनों ने उस लड़ाई में कोई भूमिका नहीं निभाई।
विवाद की पृष्ठभूमि
केरल BJP के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया था कि राज्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' पूरा नहीं गाया गया, और इसके लिए उन्होंने मुस्लिम लीग तथा जमात-ए-इस्लामी के कथित दबाव को ज़िम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, यूडीएफ सरकार इन संगठनों के प्रभाव में काम करती है।
एमए बेबी का पलटवार
इन आरोपों पर सोमवार, 17 अगस्त को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एमए बेबी ने कहा, 'वंदे मातरम को लेकर हुए इस विवाद में सबसे अहम बात BJP का चालाकी भरा सांप्रदायिक एजेंडा है। आज़ादी की लड़ाई के समय BJP नहीं थी। जनसंघ भी बाद में बना था। तब सिर्फ हिंदू महासभा और RSS थे — और इनके नेताओं ने कभी भी ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ़ आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया।'
बेबी ने 'वंदे मातरम' की ऐतिहासिक जड़ें भी स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास 'आनंदमठ' का हिस्सा है, जो बंगाल में ब्रिटिश-विरोधी संन्यासी आंदोलन पर आधारित था। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गीत के कुछ अंशों में हिंदू देवी-देवताओं का स्पष्ट उल्लेख है।
BJP-RSS पर सांप्रदायिक विभाजन का आरोप
बेबी ने आरोप लगाया कि BJP और RSS भारतीय समाज में विवाद और बंटवारा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, 'वंदे मातरम' को लेकर इन संगठनों का नज़रिया इसीलिए स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह राष्ट्रीय एकता की भावना के बजाय सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है।
झारखंड छात्र आंदोलन और बंगाल हिंसा पर टिप्पणी
बेबी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार आंदोलनकारी छात्रों की जायज़ माँगों को जिम्मेदारी से सुनेगी और वार्ता सफल होगी।
पश्चिम बंगाल में सीजेपी (CJP) कार्यकर्ता के पिता पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सीजेपी की राज्य इकाई सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सुविधाओं की कमी को लेकर सर्वे और ऑडिट कर रही थी, तभी BJP कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में सीजेपी नेता के पिता की हत्या कर दी गई और BJP सरकार पर चुनाव व परीक्षाएं ठीक से कराने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोहों के बाद से 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि यह विवाद राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर BJP और वामपंथी दलों के बीच की व्यापक वैचारिक खाई को उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।