वंदे मातरम विरोध शहीदों का अपमान: गिरिराज सिंह का कांग्रेस पर तीखा हमला, वोट बैंक राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 22 अगस्त 2026 को मुंबई पहुँचने पर वंदे मातरम के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के रुख की कड़ी आलोचना की और पार्टी पर मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए राष्ट्रगीत से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का विरोध स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और इस गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत का सीधा अपमान है।
मुख्य आरोप और बयान
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी वोट बैंक राजनीति के चलते वंदे मातरम के प्रति अपना रुख तय किया है। उन्होंने कहा, भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर कांग्रेस की इस सोच को जनता के सामने उजागर करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम को जन-जन से जोड़ने का काम किया है।
ऐतिहासिक संदर्भ और कांग्रेस पर निशाना
गिरिराज सिंह ने 1937 का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने मोहम्मद अली जिन्ना के दबाव में वंदे मातरम को लेकर समझौता किया था। उन्होंने कहा कि आज सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उसी राह पर चल रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी मीडिया में बने रहने के लिए वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के मुद्दे को भटकाव के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
जेन-जी आउटरीच पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में छात्रों के साथ संवाद और पार्टी की जेन-जी आउटरीच अभियान पर भी गिरिराज सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जबरदस्ती युवा पीढ़ी को अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि युवा खुद प्रधानमंत्री मोदी के आवास पर भी गए हैं, इसलिए कांग्रेस को इस विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
टेक्सटाइल क्षेत्र और नवी मुंबई दौरा
अपने नवी मुंबई दौरे के दौरान गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने पर जोर दिया और कहा कि रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में नई मशीनें लगने के बाद बड़े बदलाव की उम्मीद है।
आगे क्या
गिरिराज सिंह के इस बयान के बाद वंदे मातरम का राजनीतिक विमर्श एक बार फिर केंद्र में आ गया है। भाजपा के कार्यकर्ता इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।