मोदी के नेतृत्व के 25 साल: CM चंद्रबाबू नायडू बोले — भारत की कायापलट और बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का प्रमाण
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 25 वर्षों के कार्यकारी नेतृत्व को भारत के ऐतिहासिक बदलाव और उसकी बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक बताया। अमरावती से एक विस्तृत ओपिनियन आर्टिकल के माध्यम से नायडू ने कहा कि मोदी की यात्रा नेतृत्व की उस दुर्लभ शक्ति को रेखांकित करती है जो किसी देश की दिशा बदल देती है।
25 साल का सफर: गुजरात से दिल्ली तक
प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर कार्यकारी नेतृत्व की शुरुआत की थी। इसके बाद वे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन लगातार कार्यकाल तक देश का नेतृत्व करते आए हैं। यह 25 वर्षों की निरंतर सत्ता-यात्रा भारतीय लोकतंत्र में अपनी तरह की विलक्षण मिसाल मानी जाती है।
नायडू के शब्दों में — नेतृत्व की महत्ता
नायडू ने अपने लेख में लिखा, 'सार्वजनिक जीवन में अपने 48 सालों में मैंने सरकारों को बदलते, अर्थव्यवस्थाओं को बदलते, टेक्नोलॉजी को दुनिया में बड़े बदलाव लाते और नेताओं को आगे बढ़ते और गिरते देखा है। एक बात समय के साथ और साफ हो गई है कि नेतृत्व मायने रखता है।'
उन्होंने मोदी की विशेषताएँ गिनाते हुए कहा कि विजन की स्पष्टता, ईमानदारी, अनुशासन, बारीकियों पर ध्यान और काम को पूरा करने की क्षमता उनकी यात्रा को विशिष्ट बनाते हैं।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की दिशा
नायडू ने रेखांकित किया कि महामारी, वैश्विक युद्ध, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तीव्र तकनीकी बदलावों के बावजूद भारत ने अपनी विकास दिशा मजबूती से बनाए रखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हमने अभूतपूर्व गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया है, कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने के काम को मजबूत किया है, टेक्नोलॉजी को अपनाया है, उद्यम को बढ़ावा दिया है और विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ उभरे हैं।'
वैश्विक मंच पर भारत की नई छवि
नायडू ने कहा कि मोदी के कार्यकाल में विदेशों में भारत की छवि गुणात्मक रूप से बदली है। उनके शब्दों में, 'आज, वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज को ज्यादा सम्मान के साथ सुना जाता है।' उन्होंने कहा कि भारत अब विभिन्न वैश्विक शक्ति-केंद्रों के साथ जुड़ते हुए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करता है, गहरी रणनीतिक साझेदारियाँ बनाता है, और एक आधुनिक, टेक्नोलॉजी-संचालित देश के रूप में अपना सभ्यतागत आत्मविश्वास प्रस्तुत करता है।
टीम इंडिया और अगले 20 साल
लेख में नायडू ने यह भी कहा कि मोदी 'टीम इंडिया' में गहरा विश्वास रखते हैं और जानते हैं कि भारत को केवल दिल्ली से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने भविष्य की ओर देखते हुए लिखा, 'बहुत कम नेताओं को एक पीढ़ी को आकार देने का मौका मिलता है। और भी कम लोग किसी देश की किस्मत को आकार देने में मदद करते हैं।' उनके अनुसार अगले 20 वर्ष इतिहास में भारत का स्थान निश्चित कर सकते हैं — यह टिप्पणी देश के दीर्घकालिक विकास पथ को लेकर आशावाद का संकेत है।