नेतृत्व के 25 साल: PM मोदी ने विश्व नेताओं की शुभकामनाओं का किया धन्यवाद, कई देशों से साझेदारी मज़बूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर दुनिया भर के नेताओं द्वारा दी गई बधाइयों का हार्दिक धन्यवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक पोस्ट करते हुए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। यह मील का पत्थर उस यात्रा को चिह्नित करता है जो 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू हुई थी और 2014 से भारत के प्रधानमंत्री पद तक पहुँची।
किन नेताओं ने भेजीं शुभकामनाएँ
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू, डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमो गिदोन बोको ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई संदेश भेजे। इन नेताओं की बधाइयाँ भिन्न भिन्न क्षेत्रों — अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया, कैरेबियाई द्वीप और दक्षिण एशिया — से आईं, जो भारत की व्यापक होती वैश्विक कूटनीतिक पहुँच को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख जवाब
राष्ट्रपति टीनुबू को धन्यवाद देते हुए मोदी ने लिखा, "भारत और नाइजीरिया घनिष्ठ साझेदार हैं और वैश्विक दक्षिण की अग्रणी आवाजें हैं। मैं अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा अधिक समावेशी, समृद्ध और शांतिपूर्ण विश्व के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने की आशा करता हूँ।"
प्रधानमंत्री स्केरिट के संदेश के जवाब में मोदी ने कहा, "भारत डोमिनिका के साथ अपनी अटूट मित्रता को बहुत महत्व देता है। हम अपनी साझेदारी को और मजबूत करने और अपने देशों के लोगों की साझा प्रगति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।"
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर को मोदी ने लिखा कि वे "संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने" के लिए उत्सुक हैं। फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा, "भारत फिलीपींस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व देता है।"
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे को उन्होंने विशेष रूप से 'अटूट साझेदारी' का उल्लेख करते हुए लिखा, "भारत और भूटान आपसी विश्वास और समझ पर आधारित एक अटूट साझेदारी से बंधे हैं। मैं विकसित भारत और समृद्ध भूटान के हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए अपने घनिष्ठ सहयोग को जारी रखने के लिए तत्पर हूँ।" बोत्सवाना के राष्ट्रपति डुमो गिदोन बोको के प्रति भी मोदी ने हार्दिक आभार व्यक्त किया।
25 वर्ष के नेतृत्व का संदर्भ
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने केशूभाई पटेल के स्थान पर गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी — ऐसे समय में जब राज्य विनाशकारी भुज भूकंप के बाद की चुनौतियों से जूझ रहा था। वे 2014 तक लगातार मुख्यमंत्री रहे, और उसी वर्ष भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला। इस प्रकार राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर मिलाकर उनके 25 वर्ष का निरंतर नेतृत्व पूरा हुआ।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत की विदेश नीति में वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को केंद्र में लाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। आलोचकों और समर्थकों दोनों का मानना है कि पिछले एक दशक में भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सक्रियता उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
भारत की वैश्विक छवि और आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत ने G20 की अध्यक्षता, BRICS, Quad और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय साझेदारियों के ज़रिए भारत ने खुद को एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है। बधाई संदेशों की विविध भौगोलिक रेंज — अफ्रीका से लेकर यूरोप और एशिया प्रशांत तक — इस विस्तारित कूटनीतिक जुड़ाव की परिणति मानी जा सकती है। आने वाले समय में इन संबंधों को व्यापार, रक्षा और विकास सहयोग के ठोस कदमों में बदलना भारतीय कूटनीति की असली परीक्षा होगी।