पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति कोविंद का जताया आभार, सार्वजनिक सेवा के 25 साल पर मिली बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएँ भेजी थीं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पूर्व राष्ट्रपति की बधाई का जवाब देते हुए कहा कि गरीबों और वंचितों के जीवन में बदलाव से संबंधित उनकी बातें उनके लिए विशेष महत्व रखती हैं।
मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'शुभकामनाओं और स्नेहपूर्ण शब्दों के लिए पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी का आभार। पूरे भारत में, विशेषकर गरीबों और वंचितों के जीवन में आ रहे बदलावों के बारे में उनकी बातें मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि जो कुछ भी हासिल हुआ है, वह 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक संकल्प का परिणाम है।
कोविंद का संदेश और पत्र
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री को एक विशेष पत्र लिखा और उसे एक्स पर भी साझा किया। उन्होंने इस अवसर को 'ऐतिहासिक' बताते हुए मोदी के राष्ट्र-सेवा के प्रति दीर्घकालिक समर्पण की सराहना की। कोविंद ने लिखा, 'सरकार के प्रमुख के तौर पर समर्पित जन-सेवा के 25 साल पूरे करने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मेरी हार्दिक बधाई।'
उन्होंने यह भी कहा, 'यह उपलब्धि सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र-सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की एक शानदार यात्रा को दर्शाती है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और आने वाले वर्षों में उन्हें और अधिक शक्ति मिलने की कामना करता हूँ।'
मोदी की राजनीतिक यात्रा का आरंभ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। यहीं से उनके उस राजनीतिक सफर की नींव पड़ी जो अंततः उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय तक ले गया। 25 वर्षों के इस सफर में वे गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री बने और तीन बार इस पद पर चुने गए।
राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों की बधाई
यह आभार तब व्यक्त हुआ जब विभिन्न राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने प्रधानमंत्री को उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएँ दीं। पूर्व राष्ट्रपति का संदेश इस कड़ी में एक विशेष स्थान रखता है, क्योंकि कोविंद स्वयं देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक पर रह चुके हैं।
यह परस्पर सौजन्य-विनिमय ऐसे समय में आया है जब 7 अक्टूबर को मोदी की सरकारी सेवा के 25 वर्ष पूरे होने को लेकर देश भर में व्यापक चर्चा है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मील के पत्थर को रेखांकित करने वाले और कार्यक्रम होने की संभावना है।