PM मोदी के जन्मदिन पर रामनाथ कोविंद की बधाई, मोदी बोले — गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण ही लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2026 को अपने जन्मदिन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से दी गई शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। मोदी ने कहा कि हर भारतीय की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना उनका निरंतर लक्ष्य रहा है — विशेष रूप से उन वर्गों के लिए जो दशकों तक समाज की मुख्यधारा से वंचित रहे।
कोविंद का संदेश और मोदी का जवाब
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लेख पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। इसके उत्तर में PM मोदी ने लिखा, 'आपकी गर्मजोशी भरी शुभकामनाओं और विचारपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद, रामनाथ कोविंद जी।'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हर भारतीय की गरिमा, अवसर और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं, और यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने उन लोगों का विशेष उल्लेख किया जो लंबे समय से हाशिये पर रहे हैं।
मोदी का सामूहिक संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारा सामूहिक संकल्प एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में और अधिक समर्पण के साथ काम करते रहने का है।' यह वक्तव्य उनके तीसरे कार्यकाल के उस एजेंडे को रेखांकित करता है जो समावेशी विकास को केंद्र में रखता है।
कोविंद ने 25 वर्षों की यात्रा को किया याद
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संदेश में नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा की यात्रा का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर 2014 से प्रधानमंत्री कार्यालय तक, 25 वर्षों से अधिक समय से मोदी ने 'सबका साथ, सबका विकास' के विजन को आगे बढ़ाया है।
कोविंद ने समावेशिता को इस दृष्टिकोण का केंद्रीय तत्व बताते हुए लिखा — 'जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी ने पूजा।' उन्होंने हाशिये पर रहे वर्गों को मुख्यधारा में लाने को प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का महत्वपूर्ण विषय करार दिया।
शुभकामनाओं में स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा में निरंतर शक्ति की कामना की। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब 17 सितंबर को पूरे देश में उनके जन्मदिन को लेकर व्यापक उत्साह देखा गया। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के इस संकल्प की परीक्षा नीतिगत कदमों से होगी।