प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया 6 माह का PTE ब्रिज कोर्स, B.Ed शिक्षकों को मिलेगा प्राथमिक कक्षाओं का प्रमाणन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में छह माह का प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (PTE) सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस कोर्स का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से किया जाएगा और यह विशेष रूप से उन कार्यरत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है जिनके पास B.Ed की डिग्री तो है, किंतु प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने का आवश्यक प्रमाणन नहीं है।
कोर्स की पृष्ठभूमि और कानूनी आधार
अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का निर्देश दिया था, जिनकी नियुक्ति हो चुकी थी लेकिन उनके पास D.El.Ed की योग्यता नहीं थी। यह कोर्स उसी न्यायिक आदेश के अनुपालन में तैयार किया गया है।
यह ब्रिज कोर्स विशेष रूप से उन शिक्षकों पर लागू होगा जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच B.Ed डिग्री के आधार पर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए हुई थी और जिनकी नियुक्तियाँ NCTE की 28 जून 2018 की अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं।
कोर्स की संरचना और पाठ्यक्रम
अधिकारियों ने बताया कि इस कोर्स में छह सैद्धांतिक विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल-आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकम) भी अनिवार्य होगा। यह संरचना NCTE के ढाँचे के पूर्णतः अनुरूप है।
कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध होगी। हालाँकि, शिक्षार्थी सार्वजनिक परीक्षा (थ्योरी) में संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में उत्तर देने के लिए स्वतंत्र होंगे — जो इस कार्यक्रम को समावेशी रूप से अखिल भारतीय बनाता है।
शिक्षकों पर प्रभाव और उद्देश्य
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कोर्स शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी और विकास-अनुकूल शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने में सक्षम बनाएगा। इसका सीधा लाभ कक्षा 1 से 5 तक के उन लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा जिनके शिक्षकों के पास अब तक प्राथमिक शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण नहीं था।
गौरतलब है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस मूल सिद्धांत के अनुरूप है जो आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) को प्राथमिकता देता है। यह ऐसे समय में आई है जब देश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या होगा
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह पहल प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता को मज़बूत करेगी और देश में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। NIOS द्वारा संचालित इस कोर्स के क्रियान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया और नामांकन की तिथियाँ शीघ्र जारी होने की उम्मीद है।