17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया 6 माह का PTE ब्रिज कोर्स, B.Ed शिक्षकों को मिलेगा प्राथमिक कक्षाओं का प्रमाणन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रह्लाद जोशी ने लॉन्च किया 6 माह का PTE ब्रिज कोर्स, B.Ed शिक्षकों को मिलेगा प्राथमिक कक्षाओं का प्रमाणन

सारांश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है — सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के आदेश के बाद अब NIOS के माध्यम से 6 माह का PTE ब्रिज कोर्स लॉन्च हुआ, जो हज़ारों B.Ed शिक्षकों को प्राथमिक कक्षाओं का वैध प्रमाणन दिलाएगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 17 सितंबर 2026 को 6 माह का PTE सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स लॉन्च किया।
कोर्स का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा किया जाएगा।
यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए है जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच B.Ed के आधार पर कक्षा 1 से 5 में हुई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में NCTE को यह कोर्स बनाने का आदेश दिया था।
कोर्स में 6 सैद्धांतिक विषय , 10 दिन ऑनलाइन कक्षाएं और 20 दिन स्कूल-आधारित प्रशिक्षण शामिल।
परीक्षा में संविधान की आठवीं अनुसूची की 22 भाषाओं में से किसी में भी उत्तर देने की सुविधा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में छह माह का प्राथमिक शिक्षक शिक्षा (PTE) सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स औपचारिक रूप से लॉन्च किया। इस कोर्स का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से किया जाएगा और यह विशेष रूप से उन कार्यरत प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है जिनके पास B.Ed की डिग्री तो है, किंतु प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने का आवश्यक प्रमाणन नहीं है।

कोर्स की पृष्ठभूमि और कानूनी आधार

अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का निर्देश दिया था, जिनकी नियुक्ति हो चुकी थी लेकिन उनके पास D.El.Ed की योग्यता नहीं थी। यह कोर्स उसी न्यायिक आदेश के अनुपालन में तैयार किया गया है।

यह ब्रिज कोर्स विशेष रूप से उन शिक्षकों पर लागू होगा जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच B.Ed डिग्री के आधार पर कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए हुई थी और जिनकी नियुक्तियाँ NCTE की 28 जून 2018 की अधिसूचना के तहत संरक्षित हैं।

कोर्स की संरचना और पाठ्यक्रम

अधिकारियों ने बताया कि इस कोर्स में छह सैद्धांतिक विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल-आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकम) भी अनिवार्य होगा। यह संरचना NCTE के ढाँचे के पूर्णतः अनुरूप है।

कोर्स की पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध होगी। हालाँकि, शिक्षार्थी सार्वजनिक परीक्षा (थ्योरी) में संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में उत्तर देने के लिए स्वतंत्र होंगे — जो इस कार्यक्रम को समावेशी रूप से अखिल भारतीय बनाता है।

शिक्षकों पर प्रभाव और उद्देश्य

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कोर्स शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी और विकास-अनुकूल शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने में सक्षम बनाएगा। इसका सीधा लाभ कक्षा 1 से 5 तक के उन लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा जिनके शिक्षकों के पास अब तक प्राथमिक शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण नहीं था।

गौरतलब है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस मूल सिद्धांत के अनुरूप है जो आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) को प्राथमिकता देता है। यह ऐसे समय में आई है जब देश में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह पहल प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता को मज़बूत करेगी और देश में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी। NIOS द्वारा संचालित इस कोर्स के क्रियान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया और नामांकन की तिथियाँ शीघ्र जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यदि नामांकन प्रक्रिया, अध्ययन सामग्री और मूल्यांकन की गुणवत्ता पारदर्शी नहीं हुई, तो यह कोर्स भी एक और कागज़ी अनुपालन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PTE ब्रिज कोर्स क्या है और यह किसके लिए है?
PTE (प्राथमिक शिक्षक शिक्षा) ब्रिज कोर्स एक 6 माह का प्रमाणन कार्यक्रम है जिसे NIOS संचालित करेगा। यह उन कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए है जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच B.Ed डिग्री के आधार पर कक्षा 1 से 5 में हुई थी, लेकिन जिनके पास D.El.Ed की योग्यता नहीं है।
इस ब्रिज कोर्स की जरूरत क्यों पड़ी?
सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल 2024 को देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में NCTE को निर्देश दिया था कि ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार किया जाए जो B.Ed के आधार पर नियुक्त हुए थे लेकिन प्राथमिक शिक्षण के लिए अनिवार्य D.El.Ed नहीं रखते। यह कोर्स उसी आदेश का अनुपालन है।
कोर्स की संरचना कैसी है?
यह 6 माह का कोर्स है जिसमें 6 सैद्धांतिक विषय, कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल-आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल है। कोर्स हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में होगा, लेकिन सार्वजनिक परीक्षा संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 22 भाषाओं में से किसी में भी दी जा सकती है।
इस कोर्स का संचालन कौन करेगा?
इस कोर्स का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा किया जाएगा। कोर्स को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के ढाँचे के अनुरूप तैयार किया गया है।
इस कोर्स से प्राथमिक शिक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कोर्स शिक्षकों को बाल-केंद्रित और समावेशी शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने में सक्षम बनाएगा, जिससे कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। यह NEP 2020 के आधारभूत साक्षरता लक्ष्यों के अनुरूप भी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले