ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक भुवनेश्वर में 5 अगस्त से, प्रह्लाद जोशी करेंगे नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी 5 से 7 अगस्त 2026 तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक में भारत का नेतृत्व करेंगे। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के शिक्षा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
बैठक के प्रमुख एजेंडा बिंदु
इस उच्चस्तरीय बैठक में शिक्षा क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इनमें प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को सुदृढ़ बनाना, ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन (TCA) के तहत कौशल विकास को बढ़ावा देना, संयुक्त शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन, शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (MRQ) को मज़बूत करना और शैक्षणिक नेतृत्व के लिए क्षमता निर्माण शामिल हैं।
भारत की अध्यक्षता का दृष्टिकोण
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मूल विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' है। यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत 'जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम' सोच को प्रतिबिंबित करता है। गौरतलब है कि यह बैठक भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिक्षा ट्रैक के तहत आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला की अगली कड़ी है।
पूर्व बैठकों का क्रमिक विकास
इससे पहले ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की पहली और दूसरी बैठक क्रमशः 7 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद 20-21 जुलाई 2026 को ब्रिक्स नेटवर्क यूनिवर्सिटी सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संचालन बोर्ड की बैठक हुई। इन बैठकों ने प्राथमिकता वाले विषयों और प्रस्तावित परिणामों पर सहमति बनाने की ज़मीन तैयार की।
टीवीईटी संगोष्ठी और कौशल विकास पर ज़ोर
शिक्षा मंत्रियों की बैठक से ठीक पहले 3 और 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स टीवीईटी संगोष्ठी और ब्रिक्स टीवीईटी सहयोग गठबंधन की संयुक्त प्रबंधन समिति (JMC) की बैठक आयोजित की गई, जिसका नेतृत्व कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, कार्यबल तैयारी और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और गहरा करना है।
युवा भागीदारी और आगे की राह
उच्चस्तरीय सरकारी बैठकों के साथ-साथ भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता युवाओं की भागीदारी और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर विशेष बल दे रही है। भुवनेश्वर में होने वाली यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग के एक नए अध्याय की नींव रख सकती है।