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ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में 'घोषणापत्र' सर्वसम्मति से पारित, पाँच प्राथमिकताएँ तय

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ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में 'घोषणापत्र' सर्वसम्मति से पारित, पाँच प्राथमिकताएँ तय

सारांश

भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों का घोषणापत्र' अपनाया। भारत की तीसरी ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में कौशल विकास, अनुसंधान और प्रारंभिक बचपन शिक्षा समेत पाँच प्रमुख प्राथमिकताएँ तय की गईं।

मुख्य बातें

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में 7 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में सर्वसम्मति से 'ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों का घोषणापत्र' पारित हुआ।
बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, UAE और इथियोपिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
घोषणापत्र में पाँच प्रमुख प्राथमिकताएँ तय हुईं — प्रारंभिक बचपन शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार, योग्यता की आपसी मान्यता, और क्षमता निर्माण।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ईरान, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
घोषणापत्र का विस्तृत विवरण शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जल्द उपलब्ध होगा।

भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया — सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों का घोषणापत्र' अपनाया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इथियोपिया के शिक्षा मंत्री, प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। बैठक की शुरुआत 5 अगस्त को तीसरी ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ भुवनेश्वर में हुई थी।

सम्मेलन का विषय और भारत की भूमिका

यह आयोजन भारत की तीसरी ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत हुआ, जिसका केंद्रीय विषय था — 'सहयोग और सतत विकास के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण।' सम्मेलन में युवाओं की भागीदारी और लोगों के बीच आपसी संपर्क को विशेष महत्व दिया गया। मंत्री जोशी ने कहा, 'प्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए, प्रस्तावित लक्ष्यों पर सहमति मजबूत की और समावेशी, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।'

घोषणापत्र की पाँच प्रमुख प्राथमिकताएँ

जोशी के अनुसार, पारित घोषणापत्र में निम्नलिखित पाँच प्राथमिकताएँ निर्धारित की गई हैं:

पहली — प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा को सुदृढ़ करना। दूसरी — कौशल विकास और ब्रिक्स TVET सहयोग गठबंधन के तहत बेहतर तालमेल। तीसरी — सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन। चौथी — योग्यता की आपसी मान्यता। पाँचवीं — शैक्षणिक नेतृत्व के लिए क्षमता निर्माण।

द्विपक्षीय बैठकें और मॉडल ब्रिक्स पहल

जोशी ने बताया कि उन्होंने ईरान, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका के शिक्षा मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मॉडल ब्रिक्स पहल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को ब्रिक्स की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उन्हें कूटनीति तथा बहुपक्षीय सहयोग की गहरी समझ देना है।

आगे की राह

जोशी ने जानकारी दी कि घोषणापत्र का विस्तृत विवरण शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा किया जाएगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े प्रस्तावों पर प्रारंभिक काम शुरू हो चुका है, और उन्होंने विश्वास जताया कि ओडिशा समेत भारत के विभिन्न राज्यों को इन पहलों का ठोस लाभ मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी इसके क्रियान्वयन में होगी। ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप में अब नौ से अधिक देश हैं, जिनकी शिक्षा प्रणालियाँ और प्राथमिकताएँ एक-दूसरे से बेहद भिन्न हैं — ऐसे में 'सर्वसम्मति' की व्यावहारिक सीमाएँ हैं। योग्यता की आपसी मान्यता और TVET सहयोग जैसे बिंदु वर्षों से ब्रिक्स एजेंडे पर हैं, पर ठोस प्रगति अभी भी सीमित रही है। भारत की अध्यक्षता में इस घोषणापत्र को केवल दस्तावेज़ नहीं, बल्कि समयबद्ध और सत्यापन-योग्य प्रतिबद्धताओं में बदलना होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 5 अगस्त से 7 अगस्त 2026 के बीच आयोजित हुई। इसकी शुरुआत तीसरी ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक से हुई थी।
ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों के घोषणापत्र में क्या शामिल है?
घोषणापत्र में पाँच प्रमुख प्राथमिकताएँ तय की गई हैं — प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा, कौशल विकास व TVET सहयोग, सहयोगात्मक अनुसंधान और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन, योग्यता की आपसी मान्यता, और शैक्षणिक नेतृत्व के लिए क्षमता निर्माण।
इस बैठक में किन-किन देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इथियोपिया के शिक्षा मंत्री, प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में इस सम्मेलन का विषय क्या था?
भारत की तीसरी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत इस सम्मेलन का विषय 'सहयोग और सतत विकास के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण' रखा गया था। इसमें युवाओं की भागीदारी और लोगों के बीच आपसी संपर्क को विशेष महत्व दिया गया।
घोषणापत्र का विवरण कहाँ उपलब्ध होगा और आगे क्या होगा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, घोषणापत्र का विस्तृत विवरण शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा किया जाएगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े प्रस्तावों पर प्रारंभिक काम शुरू हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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