7 अगस्त 2026
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प्रह्लाद जोशी ने ब्रिक्स बैठक में दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान से की शिक्षा साझेदारी पर चर्चा

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प्रह्लाद जोशी ने ब्रिक्स बैठक में दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान से की शिक्षा साझेदारी पर चर्चा

सारांश

भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक ही दिन में दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान के शिक्षा मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता की। IIT मद्रास-इंडोनेशिया एमओयू और निपुण भारत जैसी पहलों की साझेदारी भारत की बढ़ती शिक्षा कूटनीति का संकेत है।

मुख्य बातें

प्रह्लाद जोशी ने 6 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान तीन देशों के शिक्षा मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता की।
दक्षिण अफ्रीका की बेसिक एजुकेशन मंत्री सिविवे ग्वारुबे और उप मंत्री डॉ.
नोमुसा ड्यूबे-नक्यूब के साथ प्राथमिक शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल लर्निंग पर चर्चा हुई।
आईआईटी मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन और इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा मंत्रालय के बीच एमओयू का स्वागत किया गया।
भारत की पहलों — निपुण भारत , परख , स्वयं और समर्थ — के अनुभव दक्षिण अफ्रीकी पक्ष के साथ साझा किए गए।
ईरान के कार्यवाहक विज्ञान मंत्री प्रो.
मसूद शम्स-बख्श के साथ सभ्यतागत संबंधों को आधुनिक शैक्षणिक साझेदारी में बदलने पर सहमति बनी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 6 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान के शिक्षा मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

दक्षिण अफ्रीका के साथ बैठक

मंत्री जोशी ने दक्षिण अफ्रीका गणराज्य की बेसिक एजुकेशन मंत्री सिविवे ग्वारुबे और उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण की उप मंत्री डॉ. नोमुसा ड्यूबे-नक्यूब से मुलाकात की। बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा, कौशल विकास, शोध, नवाचार तथा डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

जोशी ने कहा कि भारत की सफल शिक्षा पहलों — निपुण भारत, परख, स्वयं और समर्थ — के अनुभव दक्षिण अफ्रीकी पक्ष के साथ साझा किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच शिक्षा से संबंधित जो समझौते विचाराधीन हैं, उन्हें शीघ्र अंतिम रूप देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

इंडोनेशिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता

इसी बैठक के दौरान जोशी ने इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ब्रायन युलियार्तो से भी मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और शैक्षणिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।

बैठक में आईआईटी मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन और इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) का औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। यह एमओयू शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास में सहयोग को संस्थागत रूप देगा।

ईरान के साथ ऐतिहासिक संबंधों की नई नींव

जोशी ने ईरान के कार्यवाहक विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्री प्रो. मसूद शम्स-बख्श से भी भुवनेश्वर में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं, जो आधुनिक शैक्षणिक साझेदारी के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं।

जोशी ने दोनों देशों के संस्थानों के बीच संबंध मजबूत करने, शैक्षणिक एवं शोध सहयोग बढ़ाने, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर सृजित करने तथा डिजिटल शिक्षा के माध्यम से ज्ञान-आधारित साझेदारी को गहरा करने की इच्छाशक्ति जताई।

ब्रिक्स मंच का महत्व और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक शिक्षा कूटनीति में अपनी उपस्थिति सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को प्राथमिकता दी गई है। गौरतलब है कि 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है, जहाँ भारत ने एक साथ तीन देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता को आगे बढ़ाया। दोनों देशों के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को इन समझौतों से दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ठोस शैक्षणिक कूटनीति के लिए सक्रिय रूप से उपयोग कर रहा है। हालाँकि, इन बैठकों में जो समझौते 'विचाराधीन' बताए गए हैं, उनकी समयसीमा और क्रियान्वयन का कोई ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया — यह एक परिचित पैटर्न है जहाँ घोषणाएँ तेज़ होती हैं, पर अनुवर्ती कार्रवाई धीमी। IIT मद्रास-इंडोनेशिया एमओयू एक ठोस संस्थागत कदम है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका और ईरान के साथ बातचीत अभी भी इरादों के स्तर पर है। असली कसौटी यह होगी कि ये वार्ताएँ कब और किस रूप में छात्रों और शोधकर्ताओं तक पहुँचती हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने ब्रिक्स बैठक में किन देशों के मंत्रियों से मुलाकात की?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 6 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और ईरान के शिक्षा मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच IIT मद्रास एमओयू क्या है?
आईआईटी मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन और इंडोनेशिया के उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया है। इसका उद्देश्य शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है।
दक्षिण अफ्रीका के साथ बैठक में किन भारतीय शिक्षा पहलों की चर्चा हुई?
बैठक में भारत की सफल शिक्षा पहलों — निपुण भारत, परख, स्वयं और समर्थ — के अनुभव दक्षिण अफ्रीकी पक्ष के साथ साझा किए गए। इसके अलावा दोनों देशों के बीच विचाराधीन शिक्षा समझौतों को शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हुई।
भारत-ईरान शिक्षा सहयोग का क्या आधार है?
जोशी ने ईरान के कार्यवाहक विज्ञान मंत्री प्रो. मसूद शम्स-बख्श के साथ बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। इस आधार पर शिक्षा, शोध, प्रौद्योगिकी और डिजिटल लर्निंग में आधुनिक साझेदारी विकसित करने पर सहमति बनी।
13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक कहाँ हुई?
13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक भुवनेश्वर में आयोजित की गई। इसी बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
राष्ट्र प्रेस
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