7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक भुवनेश्वर में संपन्न, भारत ने 5 प्राथमिकता क्षेत्रों पर साझा घोषणा अपनाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक भुवनेश्वर में संपन्न, भारत ने 5 प्राथमिकता क्षेत्रों पर साझा घोषणा अपनाई

सारांश

भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत ने 'जन-केंद्रित, मानवता-प्रथम' नीति के तहत पाँच प्राथमिकता क्षेत्रों — ECCE, कौशल विकास, AI-आधारित अनुसंधान, योग्यता मान्यता और क्षमता निर्माण — पर साझा घोषणा अपनाई। अब निगाहें 12–13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 7 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक का समापन 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की घोषणा को अपनाए जाने के साथ हुआ, जिसमें 5 प्राथमिकता क्षेत्र चिन्हित किए गए।
भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम: 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता का निर्माण'।
ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, इथियोपिया और UAE के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पारंपरिक एवं देशज ज्ञान प्रणालियों पर भारत की पहल को ब्रिक्स देशों का समर्थन मिला।
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 7 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ब्रिक्स सहयोग के प्रति भारत की 'जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम' नीति को पुनः रेखांकित किया। बैठक का समापन 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की घोषणा को अपनाए जाने के साथ हुआ, जिसमें पाँच प्राथमिकता क्षेत्रों पर सामूहिक कार्य-योजना प्रस्तुत की गई।

भारत की अध्यक्षता और मुख्य संदेश

वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम — 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता का निर्माण' — के अनुरूप जोशी ने कहा कि शिक्षा प्रणालियों को युवाओं को उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें मानवीय मूल्यों से भी जोड़े रखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और युवाओं को नीतिनिर्माण तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के केंद्र में रखा जाना चाहिए।

जोशी ने ओडिशा की प्राचीन शिक्षा केंद्र के रूप में समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए भारत के सभ्यतागत मूल्यों — 'अतिथि देवो भव:' और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' — का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि यद्यपि देशों की परंपराएं और अनुभव भिन्न हो सकते हैं, किंतु उनकी प्रगति परस्पर जुड़ी हुई है।

घोषणा के पाँच प्रमुख परिणाम क्षेत्र

अंगीकृत घोषणा में पाँच प्राथमिकता क्षेत्र चिन्हित किए गए। पहला, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) को सुदृढ़ बनाना — इसमें सार्वभौमिक पहुँच, विद्यालय के लिए बच्चों की तैयारी और आयु-उपयुक्त डिजिटल समाधानों पर सहमति बनी। दूसरा, कौशल विकास और TVET में सहयोग — ब्रिक्स-TCA की भूमिका को मान्यता दी गई और भारत की अंतरराष्ट्रीय कौशल अंतराल अध्ययन पहल का उल्लेख किया गया।

तीसरा, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन — संयुक्त अनुसंधान, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नैतिक उपयोग और उच्च शिक्षण संस्थानों व स्टार्ट-अप के बीच सहयोग पर सहमति बनी। चौथा, योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (MRQ) — MOU पर विचार-विमर्श के लिए कार्य समूह बैठकें आयोजित करने पर सहमति। पाँचवाँ, शैक्षणिक नेतृत्व और क्षमता निर्माण — ब्रिक्स रेक्टर्स फोरम, संकाय आदान-प्रदान, STEM छात्रवृत्ति और ब्रिक्स विश्वविद्यालय वैश्विक रैंकिंग प्रणाली की दिशा में प्रारंभिक कार्य को प्रोत्साहन।

पारंपरिक ज्ञान पर भारत की विशेष पहल

बैठक में पारंपरिक एवं देशज ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने संबंधी ब्रिक्स के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भारत की पहल का स्वागत किया गया। यह सुझाव भी दिया गया कि ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय पारंपरिक एवं देशज ज्ञान को एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह के रूप में शामिल करने पर विचार कर सकता है। जोशी ने कहा कि नवाचार और विरासत एक-दूसरे के पूरक हैं।

भागीदार देश और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक

इस बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे पहले 5 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक (SOM) का भी आयोजन किया गया था।

आगे की राह

भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रिस्तरीय बैठकों की मेजबानी जारी रखेगा। इस पूरी प्रक्रिया का समापन 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साथ होगा, जो भारत की अध्यक्षता का केंद्रबिंदु होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन घोषणाओं की भाषा परिचित है — 'सहयोग', 'समावेश', 'नवाचार' जैसे शब्द पिछले कई ब्रिक्स दस्तावेज़ों में भी रहे हैं। असली कसौटी यह होगी कि MRQ समझौता ज्ञापन और अंतरराष्ट्रीय कौशल अंतराल अध्ययन जैसी पहलें ठोस समय-सीमा के साथ लागू होती हैं या नहीं। पारंपरिक ज्ञान को ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय में शामिल करने का सुझाव भारत की सॉफ्ट पावर रणनीति का हिस्सा है, जो दीर्घकालिक रूप से प्रभावशाली हो सकता है — बशर्ते सदस्य देश इसे केवल सैद्धांतिक समर्थन से आगे ले जाएं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 7 अगस्त 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने की और यह 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की घोषणा को अपनाए जाने के साथ संपन्न हुई।
13वीं ब्रिक्स शिक्षा घोषणा में कौन-से पाँच प्राथमिकता क्षेत्र शामिल हैं?
घोषणा में पाँच क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं: (1) प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) और बुनियादी साक्षरता, (2) कौशल विकास और TVET, (3) अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप, (4) योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (MRQ), और (5) शैक्षणिक नेतृत्व व क्षमता निर्माण।
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
18वाँ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता का समापन कार्यक्रम होगा।
ब्रिक्स बैठक में पारंपरिक ज्ञान पर भारत की क्या पहल रही?
भारत ने पारंपरिक एवं देशज ज्ञान प्रणालियों पर शैक्षणिक सहयोग के लिए ब्रिक्स मार्गदर्शक सिद्धांत प्रस्तुत किए, जिन्हें बैठक में सराहा गया। यह भी सुझाया गया कि ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय इसे एक अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय विषयगत समूह के रूप में शामिल करने पर विचार करे।
इस बैठक में कौन-से देशों ने भाग लिया?
बैठक में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले