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13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक भुवनेश्वर में शुरू, ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा

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13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक भुवनेश्वर में शुरू, ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा

सारांश

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में भुवनेश्वर बना शिक्षा कूटनीति का केंद्र — 200 से अधिक प्रतिनिधि, ईरान का उच्चस्तरीय दल और 'मॉडल ब्रिक्स' जैसी युवा-केंद्रित पहल के साथ यह तीन दिवसीय सम्मेलन ब्रिक्स देशों के शैक्षिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक 5 से 7 अगस्त 2025 तक भुवनेश्वर , ओडिशा में आयोजित हो रही है।
200 से अधिक प्रतिनिधि — शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी — इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
ईरान के कार्यवाहक मंत्री डॉ.
मसूद शमश बख्श और उपमंत्री डॉ.
मोहम्मद नबी शाहिकी ताश भारत पहुंचे।
7 अगस्त को मुख्य मंत्रिस्तरीय बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी शामिल होंगे।
भारत ने 'मॉडल ब्रिक्स' नामक छात्र-केंद्रित पहल शुरू की, जो युवाओं को कूटनीति और बहुपक्षीय सहयोग से जोड़ेगी।

भुवनेश्वर में 5 अगस्त 2025 से 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक का आगाज़ हो गया है, जो 7 अगस्त तक चलेगी। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 200 से अधिक प्रतिनिधि — जिनमें सदस्य देशों के शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं — भाग ले रहे हैं। ईरान से भी एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शिरकत के लिए भारत पहुंचा है।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का आगमन

ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री डॉ. मसूद शमश बख्श और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के उपमंत्री डॉ. मोहम्मद नबी शाहिकी ताश बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की। दूतावास के अनुसार, दिल्ली प्रवास के दौरान ईरानी प्रतिनिधि भारत के कई अग्रणी वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का भी दौरा करेंगे।

बैठक का तीन दिवसीय कार्यक्रम

5 अगस्त को ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। 6 अगस्त को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संयुक्त विचार-विमर्श होगा। 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की आधिकारिक बैठक होगी, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी शामिल होंगे। इस सम्मेलन में शिक्षा सहयोग, नवाचार और कौशल विकास जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी।

युवा भागीदारी पर ज़ोर

भारत ने इस बार ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान युवाओं की भागीदारी को केंद्र में रखा है। इसी उद्देश्य से 'मॉडल ब्रिक्स' नामक एक छात्र-केंद्रित पहल शुरू की गई है। यह पहल ब्रिक्स की मंत्रिस्तरीय बैठकों के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित की जाएगी। इसका लक्ष्य युवाओं को कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सहमति-निर्माण की प्रक्रियाओं से परिचित कराना है।

शिक्षा सहयोग की दिशा में अहम कदम

यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच शैक्षिक सहयोग को नई गहराई देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक शिक्षा और अनुसंधान साझेदारियों को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। भुवनेश्वर में होने वाली इस बैठक के नतीजे आने वाले महीनों में ब्रिक्स के शिक्षा एजेंडे की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'मॉडल ब्रिक्स' जैसी पहलें और शिक्षा सहयोग की घोषणाएँ ज़मीनी बदलाव में कितनी तब्दील होती हैं। ब्रिक्स के पिछले शिक्षा सम्मेलनों में भी सहयोग के वादे हुए, पर उनके क्रियान्वयन की समीक्षा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से हुई। ईरान जैसे देश की भागीदारी भू-राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह ऐसे समय में है जब पश्चिम और ईरान के बीच तनाव जारी है। भारत के लिए यह बहुपक्षीय मंच वैश्विक दक्षिण के साथ संबंध मज़बूत करने का अवसर है, बशर्ते घोषणाएँ केवल कागज़ों तक सीमित न रहें।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक कहाँ और कब हो रही है?
यह बैठक 5 से 7 अगस्त 2025 तक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित हो रही है। इसमें 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ईरान से कौन से अधिकारी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं?
ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री डॉ. मसूद शमश बख्श और उपमंत्री डॉ. मोहम्मद नबी शाहिकी ताश इस बैठक में भाग लेने भारत पहुंचे हैं। वे दिल्ली में भारतीय वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का भी दौरा करेंगे।
इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी?
बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच शिक्षा सहयोग, नवाचार और कौशल विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। 7 अगस्त को होने वाली मुख्य मंत्रिस्तरीय बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी शामिल होंगे।
'मॉडल ब्रिक्स' पहल क्या है?
'मॉडल ब्रिक्स' भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई एक छात्र-केंद्रित पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सहमति-निर्माण की प्रक्रियाओं से जोड़ना है और इसे देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में शिक्षा को क्यों प्राथमिकता दी जा रही है?
भारत ने इस बार ब्रिक्स अध्यक्षता में युवाओं की भागीदारी और शैक्षिक सहयोग को केंद्रीय स्थान दिया है। यह वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच अनुसंधान और कौशल विकास साझेदारी को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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