आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत: प्रोफेसर डूला छुट्टी पर, 10 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर 2026 को संस्थान के पवई कैंपस में हॉस्टल कमरे में मृत्यु के बाद, आरोपों के घेरे में आए प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को 23 सितंबर को जांच के दौरान छुट्टी पर भेज दिया गया है। संस्थान ने मामले की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है, जिसे एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
घटनाक्रम: क्या हुआ था उस दिन
बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे का शव 18 सितंबर की शाम पवई कैंपस स्थित उनके हॉस्टल कमरे में लटका हुआ मिला था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, वाकोडे पर परीक्षा का प्रश्नपत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप था। हालाँकि, बाद में संस्थान ने घटना के विस्तृत ब्यौरे देने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले की जांच जारी है।
प्रोफेसर डूला की भूमिका और कानूनी कार्रवाई
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला उसी विभाग में अध्यापन करते हैं और परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर की भूमिका में थे। उन्होंने नियमों के अनुसार मोबाइल फोन के कथित उपयोग की सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी थी।
वाकोडे की मृत्यु के बाद डूला के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और जाति-आधारित भेदभाव के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा जांच के तहत डूला से पूछताछ किए जाने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है, जबकि जांचकर्ता छात्र के माता-पिता से बातचीत कर चुके हैं।
गौरतलब है कि डूला को इससे पहले आईआईटी बॉम्बे में डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर के पद से भी हटाया जा चुका था।
परिवार के आरोप और माँ का बयान
वाकोडे की माँ सोनाली वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने परिवार को बताया था कि उसे जाति के आधार पर अपमान, गाली-गलौज और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। उनके अनुसार, वाकोडे ने विशेष रूप से प्रोफेसर डूला का नाम लिया था और आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने जातिगत अंतर का उल्लेख करते हुए टिप्पणियाँ की थीं।
सोनाली वाकोडे ने यह भी दावा किया कि यह कथित व्यवहार लगभग तीन महीनों से चल रहा था। ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। छात्र के माता-पिता ने मंगलवार को डूला की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।
संस्थान की प्रतिक्रिया और जांच प्रक्रिया
आईआईटी बॉम्बे ने 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। संस्थान ने प्रोफेसर डूला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जारी है और प्रोफेसर डूला का आधिकारिक बयान दर्ज होना बाकी है। संस्थान की आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद संस्थागत कार्रवाई की दिशा तय होगी। यह मामला उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति के छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर नए सिरे से सवाल खड़े कर रहा है।