आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत: क्राइम ब्रांच ने 40 से अधिक बयान दर्ज किए, प्रोफेसर डूला को जल्द समन
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या की जांच में 30 सितंबर 2026 तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इनमें साहिल के माता-पिता, उनके साथी छात्र, IIT बॉम्बे के हॉस्टल कर्मचारी और कुछ प्रोफेसर शामिल हैं। यह मामला संस्थान के भीतर कथित शैक्षणिक दबाव और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जांच की मौजूदा स्थिति
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रोफेसर डूला को जल्द ही समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। यह उस मामले में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा, जिसमें पवई पुलिस पहले ही उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर चुकी है।
फॉरेंसिक जांच और डिजिटल सबूत
जांच अधिकारियों ने साहिल के दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए मुंबई के कलीना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिवाइस को डिकोड और अनलॉक करने के बाद अहम डिजिटल सबूत मिलेंगे। इनसे साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की सटीक कड़ी और परिस्थितियाँ उजागर हो सकती हैं।
माता-पिता की भूख हड़ताल और मांगें
साहिल के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे पिछले चार दिनों से मुंबई के आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख माँग है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में नामजद आरोपियों — विशेषकर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे — को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
साहिल के पिता ने कहा, 'जांच सही तरीके से हो रही है, लेकिन मेरी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द सबूत इकट्ठा कर आरोपियों को गिरफ्तार करे। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगी।'
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक बहस के बीच आया है जो देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में छात्रों पर शैक्षणिक और सामाजिक दबाव को लेकर लंबे समय से चल रही है। IIT बॉम्बे जैसे संस्थानों में पिछले कुछ वर्षों में छात्र मौतों की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हैं, और प्रत्येक घटना के बाद संस्थागत जवाबदेही की माँग उठती रही है।
पवई पुलिस ने साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। अब यह जांच क्राइम ब्रांच के हाथों में है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही हैं, जिसके बाद प्रोफेसर डूला से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी पर निर्णय लिया जा सकता है। साहिल के परिवार का आज़ाद मैदान पर जारी प्रदर्शन इस मामले को सार्वजनिक दबाव में बनाए हुए है। अगले कुछ दिन जांच की दिशा के लिहाज़ से निर्णायक साबित हो सकते हैं।