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आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत: क्राइम ब्रांच ने 40 से अधिक बयान दर्ज किए, प्रोफेसर डूला को जल्द समन

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आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत: क्राइम ब्रांच ने 40 से अधिक बयान दर्ज किए, प्रोफेसर डूला को जल्द समन

सारांश

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या की जांच तेज़ हो गई है — क्राइम ब्रांच ने 40 से अधिक बयान दर्ज किए, डिजिटल डिवाइस फॉरेंसिक जांच में भेजे और प्रोफेसर डूला को जल्द समन का संकेत दिया। माता-पिता चार दिनों से आज़ाद मैदान पर भूख हड़ताल पर हैं।

मुख्य बातें

मुंबई क्राइम ब्रांच ने IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या मामले में 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान अभी दर्ज नहीं; जल्द समन जारी होने की जानकारी।
साहिल के दो मोबाइल फोन , एक लैपटॉप और एक टैबलेट कलीना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजे गए।
साहिल के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे चार दिनों से आज़ाद मैदान, मुंबई में भूख हड़ताल पर।
परिवार की मांग — प्रोफेसर डूला और IIT बॉम्बे निदेशक शिरीष केदारे की तत्काल गिरफ्तारी।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या की जांच में 30 सितंबर 2026 तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इनमें साहिल के माता-पिता, उनके साथी छात्र, IIT बॉम्बे के हॉस्टल कर्मचारी और कुछ प्रोफेसर शामिल हैं। यह मामला संस्थान के भीतर कथित शैक्षणिक दबाव और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

जांच की मौजूदा स्थिति

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रोफेसर डूला को जल्द ही समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। यह उस मामले में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा, जिसमें पवई पुलिस पहले ही उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर चुकी है।

फॉरेंसिक जांच और डिजिटल सबूत

जांच अधिकारियों ने साहिल के दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए मुंबई के कलीना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन डिवाइस को डिकोड और अनलॉक करने के बाद अहम डिजिटल सबूत मिलेंगे। इनसे साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की सटीक कड़ी और परिस्थितियाँ उजागर हो सकती हैं।

माता-पिता की भूख हड़ताल और मांगें

साहिल के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे पिछले चार दिनों से मुंबई के आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख माँग है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) में नामजद आरोपियों — विशेषकर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे — को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

साहिल के पिता ने कहा, 'जांच सही तरीके से हो रही है, लेकिन मेरी मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द सबूत इकट्ठा कर आरोपियों को गिरफ्तार करे। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगी।'

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक बहस के बीच आया है जो देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में छात्रों पर शैक्षणिक और सामाजिक दबाव को लेकर लंबे समय से चल रही है। IIT बॉम्बे जैसे संस्थानों में पिछले कुछ वर्षों में छात्र मौतों की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हैं, और प्रत्येक घटना के बाद संस्थागत जवाबदेही की माँग उठती रही है।

पवई पुलिस ने साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। अब यह जांच क्राइम ब्रांच के हाथों में है।

आगे क्या होगा

जांच एजेंसियाँ फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही हैं, जिसके बाद प्रोफेसर डूला से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारी पर निर्णय लिया जा सकता है। साहिल के परिवार का आज़ाद मैदान पर जारी प्रदर्शन इस मामले को सार्वजनिक दबाव में बनाए हुए है। अगले कुछ दिन जांच की दिशा के लिहाज़ से निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि IIT जैसे शीर्ष संस्थानों में छात्रों पर मंडराते दबाव और संस्थागत जवाबदेही की व्यापक विफलता का आईना है। क्राइम ब्रांच का 40 बयान दर्ज करना प्रक्रिया की दृष्टि से प्रभावशाली लगता है, लेकिन जब तक नामजद प्रोफेसर से पूछताछ नहीं होती, परिवार का गुस्सा और सार्वजनिक दबाव कम नहीं होगा। डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले की धुरी बन सकती है — यदि वह संस्थागत उदासीनता या उत्पीड़न के सबूत देती है, तो यह कानूनी और नैतिक दोनों मोर्चों पर बड़ा असर डालेगी। सवाल यह भी है कि क्या IIT बॉम्बे प्रशासन आंतरिक स्तर पर भी जवाब देगा, या केवल कानूनी प्रक्रिया के भरोसे बैठा रहेगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत मामला क्या है?
यह मामला IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या से जुड़ा है, जिसके बाद उनके परिवार ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। पवई पुलिस ने परिवार की शिकायत पर FIR दर्ज की, और अब मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच की जांच अभी किस स्तर पर है?
क्राइम ब्रांच ने 30 सितंबर 2026 तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिनमें साहिल के माता-पिता, साथी छात्र, हॉस्टल कर्मचारी और प्रोफेसर शामिल हैं। साहिल के डिजिटल उपकरण फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं और प्रोफेसर डूला को जल्द समन जारी होने की बात कही गई है।
साहिल वाकोडे के माता-पिता क्या मांग कर रहे हैं?
रवींद्र और सोनाली वाकोडे मुंबई के आज़ाद मैदान में चार दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि FIR में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
फॉरेंसिक जांच से क्या उम्मीद है?
साहिल के दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक टैबलेट कलीना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजे गए हैं। इन्हें डिकोड करने पर साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और परिस्थितियों से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिलने की उम्मीद है।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
पवई पुलिस ने साहिल के पिता की शिकायत पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। अब तक उनका बयान दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन क्राइम ब्रांच ने जल्द समन जारी करने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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