IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या: मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से 8 घंटे की पूछताछ, 50 लोगों के बयान दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले में 3 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला से लगभग 8 घंटे तक गहन पूछताछ की और उनका विस्तृत बयान दर्ज किया। साहिल के माता-पिता की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद यह पूछताछ जाँच का अहम पड़ाव मानी जा रही है।
पूछताछ में क्या हुआ
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने प्रोफेसर डूला से साहिल की मौत से पहले की घटनाओं और उनके बीच हुई बातचीत को लेकर विस्तृत प्रश्न पूछे। साहिल के माता-पिता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रोफेसर डूला ने उनके बेटे को प्रताड़ित किया था। हालाँकि, 8 घंटे की पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डूला ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया।
जाँच का दायरा और अगले कदम
सूत्रों के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच जल्द ही आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को समन जारी कर उनका बयान भी दर्ज करेगी। जाँच के तहत पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से समीक्षा कर रही है, ताकि साहिल की मृत्यु से पहले की गतिविधियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। अब तक क्राइम ब्रांच साहिल के माता-पिता, सहपाठियों और संस्थान के कर्मचारियों समेत 50 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
माता-पिता की भूख हड़ताल और न्याय की माँग
साहिल के माता-पिता पिछले 6 दिनों से आज़ाद मैदान, मुंबई में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मुख्य माँग है कि एफआईआर में नामज़द प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और निदेशक शिरीष केदारे को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, भूख हड़ताल जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले पवई पुलिस ने साहिल के पिता रवींद्र की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
घटनाक्रम: साहिल वाकोडे की मृत्यु कैसे हुई
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को 18 सितंबर की शाम पवई कैंपस के हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, साहिल ने परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए मोबाइल का उपयोग किया था। हालाँकि, बाद में संस्थान ने घटना के विस्तृत ब्यौरे देने से इनकार कर दिया।
आगे क्या होगा
जाँच का केंद्र अब सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयानों और संस्थान की आंतरिक प्रक्रियाओं पर है। निदेशक शिरीष केदारे के समन की प्रक्रिया यह तय करेगी कि क्या संस्थागत स्तर पर कोई लापरवाही हुई। यह मामला देशभर में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं पर नए सिरे से बहस छेड़ रहा है।