आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत मामला: क्राइम ब्रांच ने दर्ज किए कई बयान, साहिल का आईफोन अनलॉक करने की कोशिश जारी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे (20) की मौत के मामले में 23 सितंबर 2026 को कई संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और कुछ को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया। जांच एजेंसी अब साहिल के आईफोन को तकनीकी सहायता से अनलॉक करने की कोशिश में जुटी है, क्योंकि यह डिवाइस मामले के कई अहम सवालों का जवाब दे सकती है।
जांच की मौजूदा स्थिति
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पवई पुलिस स्टेशन में दर्ज यह मामला अब मुंबई अपराध शाखा को सौंपा जा चुका है। जांच का जिम्मा एक एसीपी रैंक के अधिकारी को दिया गया है और क्राइम ब्रांच के डीसीपी डिटेक्शन-I इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी लगन और निष्पक्षता के साथ की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक साहिल का आईफोन अनलॉक नहीं हो सका है। तकनीकी सहायता लेकर इसे खोलने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आईफोन खुलने के बाद ही चैटजीपीटी के इस्तेमाल से जुड़े आरोप पर ठोस रूप से कुछ स्पष्ट हो पाएगा।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 18 सितंबर को
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र वाकोडे 18 सितंबर 2026 की शाम पवई कैंपस के अपने हॉस्टल कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह दुखद घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, वाकोडे ने कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्न-पत्र एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग किया था। हालाँकि संस्थान ने बाद में घटना का विस्तृत ब्यौरा देने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच जारी है।
प्रोफेसर पर आरोप और छुट्टी
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में नाम सामने आने के बाद आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। डूला उसी एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाते हैं और परीक्षा के दौरान निरीक्षक (इनविजिलेटर) के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने तय नियमों के अनुसार मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल की सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी थी।
वाकोडे की मौत के बाद डूला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जाति-आधारित भेदभाव जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि यह मामला भारत में उच्च-शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव की व्यापक बहस के बीच सामने आया है, जहाँ हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले रिपोर्ट हुए हैं।
पुलिस की अपील और अफवाहों पर चेतावनी
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने आम जनता और मीडिया से अपील की है कि वे अटकलें लगाने, गलत जानकारी फैलाने या जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुँचने से परहेज करें। पुलिस ने स्पष्ट किया, 'मीडिया से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक चैनल से दी गई जानकारी का ही अनुसरण करें। मुंबई पुलिस निष्पक्ष और गहन जांच के लिए प्रतिबद्ध है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।'
आगे क्या होगा
23 सितंबर को भी क्राइम ब्रांच द्वारा कुछ और विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए जाने थे। जांच का सबसे निर्णायक मोड़ तब आएगा जब साहिल का आईफोन अनलॉक हो पाएगा — जिससे चैटजीपीटी या किसी अन्य AI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जुड़े दावों की पुष्टि या खंडन संभव होगा। मामले की दिशा इस तकनीकी सफलता पर काफी हद तक निर्भर करती है।