साहिल वाकोडे मौत मामला: आईआईटी बॉम्बे ने माँगी माफी, बोला — जाँच से पहले बयान देना उचित नहीं था
सारांश
मुख्य बातें
आईआईटी बॉम्बे ने 24 सितंबर 2026 को स्वीकार किया कि बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने जाँच पूरी होने से पहले जो बयान जारी किया था, वह उचित नहीं था। संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सार्वजनिक रूप से माफी माँगते हुए कहा कि 21 सितंबर की पोस्ट में की गई टिप्पणियाँ उन परिस्थितियों पर आधारित थीं जो अभी तक सही जाँच प्रक्रिया से साबित नहीं हुई थीं।
संस्थान ने क्या कहा
आईआईटी बॉम्बे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में हमारे पिछले संदेश में कही गई बातों के लिए हम माफी माँगते हैं। इस घटना से जुड़ी जानकारी और हालात अभी भी संबंधित अधिकारियों की जाँच के दायरे में हैं। चल रही जाँच को देखते हुए, उनकी मौत से पहले की घटनाओं के बारे में जानकारी देना या उनके बारे में कोई राय बनाना सही नहीं था, क्योंकि ये बातें अभी तक सही जाँच प्रक्रिया के ज़रिए साबित नहीं हुई थीं।' यह बयान उन छात्र संगठनों के लगातार विरोध के बाद आया जो संस्थान के आरंभिक रुख पर आपत्ति जता रहे थे।
कैंपस में ताज़ा हालात
संस्थान में कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद बुधवार, 24 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे में नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू हो गईं। कैंपस के अंदर फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। गौरतलब है कि आईआईटी बॉम्बे में 12,000 से अधिक छात्र और 700 से अधिक फैकल्टी सदस्य हैं, जो इस संस्थान को देश के सबसे बड़े तकनीकी शैक्षणिक परिसरों में से एक बनाता है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की जाँच
इस पूरे मामले की जाँच अब मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथों में है। मंगलवार को जाँच अधिकारियों ने साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज किए। अधिकारियों के अनुसार, उनसे अतिरिक्त जानकारी के लिए दोबारा पूछताछ की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में और पेचीदा हो गया है जब जाँचकर्ताओं को साहिल का आईफोन लॉक मिला है।
लॉक आईफोन बनी चुनौती
एक अधिकारी ने बताया कि साहिल का आईफोन लॉक है और उसे खोलने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है। फोन अनलॉक होने के बाद ही चैट हिस्ट्री, GPT हिस्ट्री जैसी डिजिटल जानकारियाँ मिल सकेंगी, जिनसे किए गए दावों की सत्यता परखी जा सकेगी। डिजिटल साक्ष्य इस जाँच का निर्णायक हिस्सा साबित हो सकते हैं।
एससी-एसटी सेल और काउंसलिंग सेंटर से पूछताछ
पुलिस ने जानकारी दी कि आईआईटी बॉम्बे के एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर दोनों को पत्र देकर यह पूछा जाएगा कि क्या साहिल ने कभी वहाँ कोई शिकायत दर्ज कराई थी या उसकी काउंसलिंग हुई थी। यह कदम इस बात की जाँच का हिस्सा है कि संस्थागत स्तर पर छात्र की मदद के लिए क्या प्रयास किए गए थे। जाँच के नतीजे सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।