23 सितंबर 2026
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आईआईटी बॉम्बे में रेगुलर क्लासेस फिर शुरू, साहिल वाकोडे मामले में क्राइम ब्रांच की जाँच जारी

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आईआईटी बॉम्बे में रेगुलर क्लासेस फिर शुरू, साहिल वाकोडे मामले में क्राइम ब्रांच की जाँच जारी

सारांश

साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद उबाल खाए आईआईटी बॉम्बे में अब नियमित कक्षाएँ बहाल हो गई हैं। लेकिन असली सवाल अभी खुले हैं — लॉक आईफोन, दोबारा पूछताछ और एससी-एसटी सेल की भूमिका की जाँच बताएगी कि मामला कहाँ तक जाता है।

मुख्य बातें

23 सितंबर 2026 को आईआईटी बॉम्बे में नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू हो गईं।
कैंपस के भीतर कोई विरोध नहीं; केवल कुछ SFI और ह्यूमैनिटीज छात्र परिसर के बाहर बैठे हैं।
क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता का बयान दर्ज किया; लॉक आईफोन खोलने के लिए तकनीकी मदद ली जा रही है।
पुलिस एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर को पत्र भेजकर साहिल की शिकायत या काउंसलिंग का रिकॉर्ड माँगेगी।
आईआईटी बॉम्बे ने एक्स पर निदेशक प्रो.
केदारे के इस्तीफे की खबर को 'पूरी तरह झूठी' बताया।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू हो गईं, जो द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद भड़के छात्र-विरोध के चलते बाधित हो गई थीं। कैंपस के भीतर फ़िलहाल कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं हो रहा है, हालाँकि बाहर कुछ छात्र अभी भी डटे हुए हैं।

कैंपस की मौजूदा स्थिति

12,000 से अधिक छात्रों और 700 से अधिक फैकल्टी सदस्यों वाले आईआईटी बॉम्बे परिसर के भीतर अब कहीं भी कोई धरना या प्रदर्शन नहीं हो रहा है। केवल मानविकी विभाग (Humanities) के कुछ छात्र और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्य कैंपस के बाहर बैठकर अपना विरोध जारी रखे हुए हैं।

क्राइम ब्रांच की जाँच में ताज़ा घटनाक्रम

मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने साहिल वाकोडे के माता-पिता का बयान दर्ज किया। जाँच अधिकारियों के अनुसार, उनसे और जानकारी जुटाने के लिए दोबारा पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि साहिल के पास एक आईफोन था जो लॉक है; उसे अनलॉक करने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, फोन खुलने के बाद चैट हिस्ट्री और जीपीटी हिस्ट्री की जाँच की जाएगी, ताकि मामले में लगाए गए दावों की पुष्टि या खंडन हो सके। यह एक महत्त्वपूर्ण तकनीकी कड़ी है जिस पर जाँच की अगली दिशा काफ़ी हद तक निर्भर करेगी।

एससी-एसटी सेल और काउंसलिंग सेंटर से माँगी जाएगी जानकारी

पुलिस ने बताया कि आईआईटी बॉम्बे में एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर मौजूद हैं। अधिकारियों ने कहा कि वे दोनों संस्थाओं को पत्र भेजकर यह जानकारी माँगेंगे कि क्या साहिल ने कभी वहाँ कोई शिकायत दर्ज कराई थी या उसकी काउंसलिंग हुई थी। यह कदम मामले की सामाजिक-संस्थागत पृष्ठभूमि को समझने की दिशा में उठाया जा रहा है।

निदेशक के इस्तीफे की अफवाह का खंडन

गौरतलब है कि सोमवार को आईआईटी बॉम्बे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन खबरों का खंडन किया जिनमें दावा किया गया था कि संस्थान के निदेशक प्रो. शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा दे दिया है। संस्थान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'यह खबर पूरी तरह झूठी है।' इस खंडन के बाद सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगा।

आगे क्या होगा

क्राइम ब्रांच के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती साहिल के लॉक फोन से डेटा हासिल करना है, जो जाँच की अगली दिशा तय करेगा। माता-पिता से दोबारा पूछताछ और एससी-एसटी सेल से मिलने वाली जानकारी मिलकर यह तय करेगी कि मामले में कोई संस्थागत लापरवाही हुई या नहीं। इस बीच, कैंपस में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियाँ बहाल होना प्रशासन के लिए राहत की बात है, लेकिन जाँच अभी लंबी चलने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह शांति समाधान नहीं है। साहिल वाकोडे मामला उस बड़े संस्थागत सवाल को उठाता है जो अक्सर मुख्यधारा की कवरेज से छूट जाता है — प्रीमियर संस्थानों में एससी-एसटी सेल और काउंसलिंग ढाँचे कागज़ पर मौजूद हैं, पर क्या वे वास्तव में पहुँच में हैं? लॉक आईफोन की फॉरेंसिक जाँच और माता-पिता की दोबारा पूछताछ यह तय करेगी कि जो दावे किए गए वे साबित होते हैं या नहीं — और उसी आधार पर संस्थागत जवाबदेही तय होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया के दबाव के हिसाब से।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईटी बॉम्बे में क्लासेस कब से फिर शुरू हुईं?
23 सितंबर 2026 (बुधवार) से आईआईटी बॉम्बे में नियमित कक्षाएँ फिर से शुरू हो गईं। यह साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद हुए छात्र-विरोध प्रदर्शनों के चलते हुई बाधा के बाद की बहाली है।
साहिल वाकोडे कौन थे और मामला क्या है?
साहिल वाकोडे आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र थे, जिनकी आत्महत्या के बाद छात्र संगठनों ने संस्थान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू किए। इस मामले की जाँच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच की जाँच में अभी क्या स्थिति है?
क्राइम ब्रांच ने साहिल के माता-पिता का बयान दर्ज कर लिया है और उनसे दोबारा पूछताछ होनी है। साहिल का आईफोन लॉक होने के कारण उसे अनलॉक करने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है; फोन खुलने के बाद चैट और जीपीटी हिस्ट्री की जाँच की जाएगी।
क्या आईआईटी बॉम्बे के निदेशक ने इस्तीफा दिया?
नहीं। आईआईटी बॉम्बे ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि निदेशक प्रो. शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा नहीं दिया है और इस संबंध में फैली खबरें पूरी तरह झूठी हैं।
पुलिस एससी-एसटी सेल से क्या जानना चाहती है?
पुलिस आईआईटी बॉम्बे के एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर को पत्र भेजकर यह जानना चाहती है कि क्या साहिल ने कभी इन संस्थाओं में कोई शिकायत की थी या उसकी काउंसलिंग हुई थी। इससे मामले की संस्थागत पृष्ठभूमि स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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