आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मौत: क्राइम ब्रांच ने माता-पिता के बयान दर्ज किए, डीन सस्पेंड
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या मामले में उनके माता-पिता के बयान दर्ज किए। जाँच अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच आगे और जानकारी के लिए उनसे दोबारा पूछताछ करेगी। इस बीच, छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन बदस्तूर जारी है।
मोबाइल अनलॉक करने की कोशिश जारी
जाँच अधिकारियों ने बताया कि साहिल के पास एक लॉक आईफोन था, जिसे अभी तक खोला नहीं जा सका है। इसे अनलॉक करने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फोन खुलने के बाद चैट जीपीटी हिस्ट्री सहित अन्य डिजिटल सामग्री की जाँच की जाएगी, ताकि इस मामले में लगाए गए दावों की पुष्टि हो सके।
एससी-एसटी सेल और काउंसलिंग सेंटर से माँगी जाएगी जानकारी
पुलिस के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे में एससी-एसटी सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर मौजूद हैं, जहाँ छात्र अपनी परेशानियाँ दर्ज करा सकते हैं। जाँच दल इन दोनों संस्थाओं को पत्र भेजकर यह पता करेगा कि क्या साहिल वाकोडे ने भूतकाल में कभी यहाँ कोई शिकायत की थी या उसकी काउंसलिंग हुई थी।
संस्थान का खंडन और माफी
इससे पहले सोमवार, 21 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे ने उन खबरों को गलत और झूठा करार दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि संस्थान के निदेशक शिरीष बी. केदारे ने इस्तीफा दे दिया है। संस्थान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह स्पष्टीकरण जारी किया।
एक अन्य पोस्ट में संस्थान ने साहिल वाकोडे की मृत्यु से जुड़े परिस्थितियों पर दिए गए अपने पूर्व बयानों के लिए माफी माँगी। संस्थान ने कहा कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की जाँच सक्षम अधिकारियों द्वारा की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब संस्थान पर सामाजिक भेदभाव संबंधी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
डीन पद से प्रोफेसर टूला सस्पेंड
आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष बी. केदारे ने घोषणा की कि प्रोफेसर टूला को तत्काल प्रभाव से डीन पद से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यह मामला देशभर में उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी-एसटी छात्रों की मानसिक सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही पर बहस को नया आयाम दे रहा है।
आगे की जाँच
क्राइम ब्रांच की जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है। साहिल का लॉक आईफोन, संस्था के आंतरिक रिकॉर्ड और माता-पिता के बयान — तीनों मिलकर इस मामले की दिशा तय करेंगे। जाँच अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद जाँच की गति तेज़ होगी।